शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
ब्रेकिंग
वाराणसी में एयर शो और पीएम मोदी के दौरे की प्रमुख खबरें वाराणसी-दिल्ली स्लीपर वंदे भारत: 31 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी, जानें रूट और टाइमिंग काशी विश्वनाथ दर्शन: हाथों के बल चलकर 94 दिन में वाराणसी पहुंचे मन्नू सोनी Varanasi Air Show 2026: नमो घाट पर विंग्स ओवर गंगा का रोमांच कार इंश्योरेंस क्लेम कैसे करें? जानिए पूरा प्रोसेस और जरूरी दस्तावेज Myanmar Arms Case: मैथ्यू वैनडाइक दिल्ली कोर्ट में पेश, विदेश रहने की अवधि बढ़ी

लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर: आपकी सैलरी पर कितना होम या पर्सनल लोन मिल सकता है

बैंक आम तौर पर आपकी मासिक आय का एक हिस्सा (अक्सर 40–55%) ही सभी EMI के लिए मानते हैं। अपनी नेट मासिक आय और पहले से चल रही EMI डालें।

यह कैसे काम करता है?

फॉर्मूला: पहले अधिकतम EMI = आय × अनुपात − मौजूदा EMI। फिर उस EMI पर तय दर और अवधि में कितना लोन चुकाया जा सकता है, वह निकाला जाता है।

असल लोन राशि आपके क्रेडिट स्कोर, उम्र, नौकरी की स्थिरता और प्रॉपर्टी की कीमत (होम लोन में आम तौर पर 75–90% तक) पर भी निर्भर करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्रेडिट स्कोर का लोन पर क्या असर होता है?

आम तौर पर 750 से ऊपर का स्कोर होने पर लोन आसानी से और कम ब्याज पर मिलता है।

लोन एलिजिबिलिटी कैसे बढ़ाएं?

पुरानी EMI चुकाएं, अवधि बढ़ाएं, को-एप्लिकेंट (जैसे पति/पत्नी) जोड़ें और क्रेडिट स्कोर सुधारें।