रविवार, 25 अक्टूबर 2026
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वाराणसी

काशी विश्वनाथ दर्शन: हाथों के बल चलकर 94 दिन में वाराणसी पहुंचे मन्नू सोनी

प्रयागराज से गंगाजल लेकर हाथों के बल यात्रा कर रहे बलिया के मन्नू सोनी 94 दिन बाद वाराणसी सीमा के रूपापुर पहुंचे ,

काशी विश्वनाथ – हाथों के बल चलकर तीर्थ यात्रा करते श्रद्धालु का प्रतीकात्मक दृश्य
फोटो: ख़बरें लाइव

प्रयागराज से पवित्र गंगाजल लेकर बाबा काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए निकले बलिया के अशोक उर्फ मन्नू सोनी 94 दिनों की बेहद कठिन साधना के बाद वाराणसी जिले की सीमा में दाखिल हो गए हैं। हाथों के बल उल्टा चलकर तय की जा रही इस 120 किलोमीटर से लंबी यात्रा में वह राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाराणसी सीमा के रूपापुर क्षेत्र तक पहुंच चुके हैं। सड़क किनारे से गुजरते हुए उन्हें जो भी देख रहा है, वह उनकी अटूट आस्था और अदम्य हौसले को देखकर हैरान है funk।

94 दिनों में पार किया 100 किलोमीटर से अधिक का फासला

प्रयागराज के झूंसी क्षेत्र से मन्नू सोनी ने इस कठिन यात्रा का संकल्प उठाया था। आमतौर पर श्रद्धालु पैरों से पैदल चलकर कांवड़ या पदयात्रा करते हैं, लेकिन मन्नू सोनी अपने दोनों हाथों पर पूरे शरीर का भार साधते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

इस बेहद कठिन तरीके से चलने के कारण वह रोजाना एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी ही तय कर पाते हैं। करीब 120 किलोमीटर के इस पूरे सफर में उन्हें वाराणसी जिले तक पहुंचने में तीन महीने से अधिक यानी 94 दिनों का समय लग गया। अब वह अपने अंतिम गंतव्य श्री काशी विश्वनाथ धाम से कुछ ही दूरी पर रह गए हैं।

बाबा विश्वनाथ के प्रति अटूट आस्था और कठिन साधना

मूल रूप से बलिया के रहने वाले मन्नू सोनी का कहना है कि देवाधिदेव महादेव के प्रति उनका अटूट विश्वास ही उन्हें इस कठिन रास्ते पर आगे बढ़ने की ताकत देता है। उन्होंने बाबा विश्वनाथ को गंगाजल अर्पित करने के लिए यह अनोखा और बेहद कठोर संकल्प लिया था।

सफर के दौरान बदलते मौसम, तेज धूप और शारीरिक दर्द जैसी कई परेशानियां सामने आईं, लेकिन उनके कदम नहीं डिगे। हाथों के सहारे उल्टा चलना शरीर के लिए अत्यधिक थका देने वाला होता है, इसके बावजूद वह चेहरे पर मुस्कान और मन में शिवभक्ति लिए निरंतर बढ़ते जा रहे हैं।

राजमार्ग पर राहगीर कर रहे स्वागत और सेवा

प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर रूपापुर के आसपास से गुजरते वक्त स्थानीय ग्रामीण और राहगीर उनके दर्शन के लिए रुक रहे हैं। लोग उनके इस संकल्प को नमन करते हुए उनके खान-पान, पानी और विश्राम की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं।

रास्ते में आने वाले कई राहगीर उनके साथ तस्वीरें ले रहे हैं और 'हर हर महादेव' के जयकारे लगाकर उनका मनोबल बढ़ा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आज के दौर में ऐसी निस्वार्थ और कठोर भक्ति विरले ही देखने को मिलती है।

जल्द पहुंचेगे श्री काशी विश्वनाथ धाम

वाराणसी जिले में प्रवेश करने के बाद अब मन्नू सोनी अगले कुछ दिनों में शहर के भीतर प्रवेश करेंगे और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचेंगे। वहां वह विधिवत बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक कर अपनी इस 94 दिवसीय कठिन यात्रा का समापन करेंगे। रास्ते में उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को देखते हुए स्थानीय लोग भी लगातार उनका ख्याल रख रहे हैं।

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Ashish

संपादक, खबर केंद्र