वाराणसी-दिल्ली स्लीपर वंदे भारत: 31 अक्टूबर से शुरू होने की तैयारी, जानें रूट और टाइमिंग
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस 31 अक्टूबर से पटरी पर उतर सकती है। रात भर के सफर में प्रयागराज और कानपुर होते हुए यह सुबह दिल्ली पहुंचेगी।
वाराणसी से देश की राजधानी नई दिल्ली का सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) से नई दिल्ली के बीच चलने वाली बहुप्रतीक्षित स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन 31 अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। यह ट्रेन रात में काशी से रवाना होकर सुबह तड़के दिल्ली पहुंचेगी, जिससे यात्रियों का समय और होटल का खर्च दोनों बच सकेंगे।
वाराणसी: रात का सफर, सुबह राजधानी में दस्तक
रेलवे से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन को रात के समय ओवरनाइट सेवा के रूप में संचालित करने की योजना बनाई गई है। प्रस्तावित समय-सारिणी के तहत ट्रेन नंबर 27421 वाराणसी कैंट स्टेशन से रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगली सुबह लगभग 8 घंटे का सफर तय कर नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में भी यह ट्रेन दिल्ली से रात में चलकर सुबह के वक्त वाराणसी पहुंचेगी। इस सेवा के शुरू होने से बनारस के व्यापारियों, वकीलों, छात्रों और दिल्ली एम्स जाने वाले मरीजों को काफी सहूलियत मिलेगी।
प्रयागराज और कानपुर में होगा मुख्य ठहराव
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच यह सेमी-हाई स्पीड स्लीपर ट्रेन केवल चुनिंदा स्टेशनों पर ही रुकेगी, ताकि रफ्तार बनी रहे और सफर कम समय में पूरा हो सके।
- प्रयागराज जंक्शन: वाराणसी से चलकर यह ट्रेन रात करीब 10:35 बजे प्रयागराज पहुंचेगी, जहां इसका लगभग पांच मिनट का ठहराव होगा।
- कानपुर सेंट्रल: इसके बाद ट्रेन मध्य रात्रि करीब 12:40 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी और संक्षिप्त ठहराव के बाद नई दिल्ली के लिए आगे बढ़ेगी।
- अन्य स्टेशन: तकनीकी और परिचालन जरूरतों के आधार पर अलीगढ़ जैसे स्टेशनों पर भी ठहराव को लेकर अंतिम रूप दिया जा रहा है।
स्लीपर कोच में मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं
सामान्य वंदे भारत ट्रेनों में केवल चेयर कार की व्यवस्था होती है, लेकिन इस नए रैक में पूरी तरह वातानुकूलित (AC) स्लीपर बर्थ तैयार की गई हैं। इसमें फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी और थर्ड एसी दर्जे के कोच शामिल होंगे। ट्रेन में झटकों को कम करने वाले अत्याधुनिक सस्पेंशन, ऑटोमैटिक दरवाजे, दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सेंसर युक्त पानी के नल और हर बर्थ के पास चार्जिंग पॉइंट दिए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह ट्रेन 'कवच' टक्कर रोधी तकनीक और सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह लैस है।
टिकट बुकिंग और आधिकारिक घोषणा का इंतजार
रेलवे प्रशासन की ओर से उद्घाटन कार्यक्रम और अंतिम टाइम-टेबल को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। संभावना जताई जा रही है कि नियमित फेरों के लिए आईआरसीटीसी (IRCTC) के पोर्टल और रेलवे काउंटरों पर टिकटों की बुकिंग 27 अक्टूबर के आसपास खोली जा सकती है। किराए की आधिकारिक दरें अधिसूचना जारी होने के साथ स्पष्ट होंगी, हालांकि यह मौजूदा राजधानी और तेजस एक्सप्रेस के किराए के दायरे में रहने का अनुमान है। यात्रा की योजना बना रहे लोग रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वाराणसी-दिल्ली स्लीपर वंदे भारत कब से शुरू होगी?
रेलवे के प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 31 अक्टूबर को इस ट्रेन का शुभारंभ किया जा सकता है। इसके तुरंत बाद इसे आम यात्रियों के नियमित फेरों के लिए खोल दिया जाएगा।
यह ट्रेन किन-किन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी?
वाराणसी कैंट से नई दिल्ली के बीच इसका प्रमुख ठहराव प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर तय किया गया है।