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दिल्ली

Myanmar Arms Case: मैथ्यू वैनडाइक दिल्ली कोर्ट में पेश, विदेश रहने की अवधि बढ़ी

म्यांमार आर्म्स ट्रेनिंग केस में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक अमेरिका से लौटने के बाद दिल्ली की अदालत में पेश हुए। अदालत ने छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ उनकी विदेश में रहने की अवधि 24 फरवरी तक बढ़ा दी है।

Myanmar Arms – दिल्ली की एक अदालत का प्रतीकात्मक चित्र
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: succo / Pixabay

म्यांमार आर्म्स ट्रेनिंग कैंप मामले (Myanmar Arms Training Case) में चर्चित अमेरिकी नागरिक और पूर्व मर्सनेरी मैथ्यू वैनडाइक (Matthew VanDyke) शुक्रवार को अमेरिका से लौटने के बाद दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश हुए। एनआईए (NIA) कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह अन्य यूक्रेनी सह-आरोपियों को विदेश में रहने की अनुमति को 24 फरवरी तक बढ़ा दिया है।

Myanmar Arms: क्या है पूरा मामला और क्यों चर्चा में है?

इसी साल मार्च के महीने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। एजेंसी का आरोप था कि ये लोग बिना वैध दस्तावेजों या परमिट के मिजोरम के रास्ते म्यांमार में दाखिल हुए थे और वहां म्यांमार की सैन्य जुंटा के खिलाफ लड़ रहे जातीय सशस्त्र समूहों को ड्रोन युद्ध और हथियारों की ट्रेनिंग दे रहे थे। इस मामले में शुरुआत में कड़े आतंकवाद विरोधी कानून यानी UAPA के तहत केस दर्ज किया गया था।

UAPA की धाराएं हटने के बाद मिली थी बेल

सितंबर में दायर चार्जशीट में एनआईए ने आरोपियों के खिलाफ UAPA के प्रावधानों को हटा दिया, क्योंकि एजेंसी को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को सीधा खतरा साबित होता हो। इसके बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को केवल इमीग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के उल्लंघन के मामलों में डिफ़ॉल्ट बेल दे दी थी। पिछले महीने अदालत ने उन्हें अपने परिवारों से मिलने के लिए एक महीने के लिए अपने देश लौटने की अनुमति दी थी, बशर्ते वे तय समय पर वापस आकर जांच में शामिल हों।

कोर्ट ने बढ़ाई विदेश में रहने की अवधि

शुक्रवार को निर्धारित समयावधि के तहत मैथ्यू वैनडाइक भारत लौटे और तय नियमों के मुताबिक कोर्ट के सामने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अदालत में सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी एनआईए ने सूचित किया कि इस मामले के कई अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है, जिसके लिए और समय की आवश्यकता है। इसे ध्यान में रखते हुए विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को अमेरिका वापस जाने की छूट दे दी और छह यूक्रेनी नागरिकों को भी 24 फरवरी तक विदेश में रहने की अनुमति बढ़ा दी।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. मैथ्यू वैनडाइक कौन हैं?

मैथ्यू वैनडाइक एक अमेरिकी नागरिक हैं, जो खुद को विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों का पूर्व स्वयंसेवक या लड़ाका बताते रहे हैं। उन्हें इस साल मार्च में एनआईए ने म्यांमार सीमा के पास कथित तौर पर प्रतिबंधित समूहों को ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

2. इस मामले में UAPA क्यों हटाया गया?

एनआईए ने अपनी चार्जशीट में स्पष्ट किया कि विस्तृत जांच के दौरान ऐसा कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला जो यह साबित कर सके कि इन विदेशी नागरिकों के कृत्यों से भारत के राष्ट्रीय हितों या नागरिकों को सीधा नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद UAPA की धाराएं हटा दी गईं और मामला केवल फॉरेनर्स एक्ट तक सीमित कर दिया गया।

3. अदालत ने हाल ही में क्या आदेश दिया है?

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनवाई के दौरान एनआईए की दलीलों पर गौर करते हुए मैथ्यू वैनडाइक को अमेरिका लौटने की अनुमति दी है और उनके साथ-साथ छह यूक्रेनी नागरिकों को भी 24 फरवरी तक विदेश में रहने की विस्तार अवधि प्रदान की है।

Ashish

संपादक, खबर केंद्र