मछलीशहर-वाराणसी हाईवे पर लगेंगी 180 स्ट्रीट लाइटें, जंघई फ्लाईओवर भी जल्द खुलेगा
मछलीशहर-वाराणसी हाईवे (एनएच-731बी) पर रात में सुरक्षित आवागमन के लिए 180 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। जंघई फ्लाईओवर भी नवंबर के पहले सप्ताह में खुलने की तैयारी में है।
मछलीशहर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-731बी) पर रात के सफर को सुरक्षित बनाने और कस्बाई इलाकों में हादसों पर लगाम लगाने के लिए 180 आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। कार्यदायी एजेंसी ने हाईवे किनारे बसे प्रमुख बाजारों, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) और फ्लाईओवरों पर बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही हाईवे के सबसे अहम जंघई रेलवे फ्लाईओवर पर भारी वाहनों के साथ लोड टेस्टिंग की प्रक्रिया भी अंतिम दौर में पहुंच गई है, जिससे पूर्वांचल के इस रूट पर सफर और सुगम हो जाएगा।
स्ट्रीट लाइट: इन प्रमुख बाजारों और मोड़ों पर होगी दूधिया रोशनी
हाईवे निर्माण के दौरान कस्बों और घनी आबादी वाले इलाकों में पानी निकासी के लिए पक्की नालियां बनाई गई थीं। अब एनएचएआई के निर्देश पर इन्हीं आबादी वाले हिस्सों में 42-42 मीटर के अंतराल पर स्ट्रीट लाइट के खंभे खड़े किए जा रहे हैं। योजना के तहत मछलीशहर ताजुद्दीनपुर, मछलीशहर ब्लॉक, जमुहर, तिलौरा, बंधवा, बरावां, जगदीशपुर, अदारी, किशुनदासपुर, गोधना, मोलनापुर, चौकी कला, दुर्गागंज, छनौरा और सुरियावां जैसे प्रमुख बाजारों में यह लाइटें लगाई जाएंगी। इन बाजारों में शाम ढलते ही रोशनी होने से राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय दुकानदारों को भी काफी सुविधा मिलेगी।
जंघई रेलवे फ्लाईओवर पर लोड टेस्टिंग अंतिम चरण में
मछलीशहर से भदोही होते हुए वाराणसी की ओर जाने वाले 49.2 किलोमीटर लंबे हिस्से का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। हाल ही में इस पूरे मार्ग की गुणवत्ता जांचने के लिए नेटवर्क सर्वे व्हीकल (एनएसवी) वैन से तकनीकी परीक्षण कराया गया था। स्थानीय यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत जंघई रेलवे क्रॉसिंग पर बना नया फ्लाईओवर लेकर आएगा। इस फ्लाईओवर पर भारी ट्रकों को खड़ा कर लोड टेस्टिंग की जा रही है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि परीक्षण पूरा होते ही नवंबर के पहले सप्ताह में इसे आम यातायात के लिए खोल दिया जाए। इसके चालू होने से जंघई रेलवे फाटक पर लगने वाले लंबे जाम से हमेशा के लिए निजात मिल जाएगी।
वाराणसी और भदोही आने-जाने वालों को बड़ा फायदा
एनएच-731बी वाराणसी रिंग रोड से जुड़कर जौनपुर और मछलीशहर के बीच सीधा संपर्क स्थापित करता है। इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगने और फ्लाईओवर शुरू होने से क्या बदलाव आएंगे, इसे प्रमुख बिंदुओं में समझा जा सकता है:
- समय की बचत: जंघई क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से मुक्ति मिलने के बाद मछलीशहर और भदोही से वाराणसी तक का सफर लगभग आधे समय में पूरा हो सकेगा।
- रात में सुरक्षित आवागमन: बाजारों और फ्लाईओवर पर 180 स्ट्रीट लाइटें जलने से अंधेरे के कारण होने वाले सड़क हादसों में भारी कमी आएगी।
- स्थानीय कारोबार को गति: बाजारों में प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त होने से शाम के वक्त ग्रामीण बाजारों की कारोबारी गतिविधियां सुरक्षित माहौल में देर तक चल सकेंगी।
हाईवे पर काम करा रही तकनीकी टीम के अनुसार खंभे लगाने के साथ ही वायरिंग और एलईडी फिटिंग का काम समानांतर रूप से पूरा किया जा रहा है, ताकि फ्लाईओवर के लोकार्पण के साथ ही पूरा कॉरिडोर रोशनी से जगमगा सके।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मछलीशहर-वाराणसी हाईवे पर स्ट्रीट लाइटें किन जगहों पर लगाई जा रही हैं?
हाईवे के किनारे बसे घनी आबादी वाले कस्बों जैसे जमुहर, बंधवा, जगदीशपुर, दुर्गागंज, सुरियावां समेत 15 से अधिक बाजारों और जंघई रेलवे फ्लाईओवर पर ये 180 स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं।
जंघई रेलवे फ्लाईओवर आम वाहनों के लिए कब खुलेगा?
फ्लाईओवर पर ट्रकों के जरिए लोड टेस्टिंग का काम अंतिम चरण में है। सब कुछ तय मानकों के अनुसार रहने पर इसे नवंबर 2026 के पहले सप्ताह में वाहनों की आवाजाही के लिए खोले जाने की तैयारी है।