वाराणसी में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट: 29 अक्टूबर को तेज हवा और बौछारों की चेतावनी
चक्रवाती तंत्र के प्रभाव से वाराणसी में 29 अक्टूबर को भारी बारिश और 50 किमी की रफ्तार से हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती तंत्र 'अर्नब' के असर से काशी और समूचे पूर्वांचल में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने वाराणसी सहित आसपास के इलाकों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर बादलों की सक्रियता बढ़ने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग की ओर से 29 अक्टूबर को वाराणसी में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।”
ऑरेंज अलर्ट: 28 से 31 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर की दोपहर या शाम से आसमान में बादलों का डेरा जमना शुरू हो जाएगा और कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इसका सबसे मुख्य असर 29 अक्टूबर को देखने को मिलेगा। इस दिन जिले में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की पूरी संभावना है।
पूर्वांचल के चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर और सोनभद्र जैसे पड़ोसी जिलों में भी बादलों का यह चक्रवाती घेरा असर दिखाएगा। 30 और 31 अक्टूबर को भी रुक-रुक कर बौछारें पड़ने और आसमान में घने बादल छाए रहने का क्रम बना रह सकता है।”
पारे में भारी गिरावट, बढ़ेगी सिहरन
इस बेमौसम बारिश के कारण तापमान में भी तेज गिरावट देखने को मिलेगी। पिछले कुछ दिनों से शहर में दिन का अधिकतम तापमान 33 डिग्री और रात का पारा 18 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा था। बारिश और नम पूर्वी हवाओं के चलने से दिन के अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है, जिससे तापमान 26 से 28 डिग्री के आसपास आ जाएगा।”
तापमान लुढ़कने से अक्टूबर के अंत में ही लोगों को दिन में भी हल्की ठंड और सिहरन का अहसास होने लगेगा।”
किसानों के लिए खड़ी हुई चिंता
इस समय ग्रामीण इलाकों में धान की कटाई का दौर चल रहा है। कई किसानों की फसल खेतों में कटकर पड़ी है, जबकि बड़ी मात्रा में फसल पककर तैयार खड़ी है। कृषि वैज्ञानिकों और जिला प्रशासन ने किसानों को सतर्क किया है कि तेज हवा और जलभराव से धान की बालियों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटी हुई फसल को तुरंत सुरक्षित या ऊंचे स्थानों पर ढककर रख लें और खेतों से जलनिकासी का उचित प्रबंध रखें।”
प्रशासन की सलाह: आंधी-पानी के दौरान बरतें सावधानी
मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाई ने शहरवासियों को कुछ जरूरी एहतियात बरतने के निर्देश दिए हैं:
- तेज आंधी और बादलों की गड़गड़ाहट के दौरान पुराने जर्जर भवनों, भारी होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
- गंगा किनारे घाटों पर आने वाले श्रद्धालु फिसलन और तेज लहरों को देखते हुए पानी के गहरे हिस्से से दूर रहें।
- नाविकों को भी मौसम खराब होने की स्थिति में बीच धारा में जाने से बचने और मौसम की निगरानी रखने की सलाह दी गई है।
- शहर के निचले मोहल्लों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम के संबंधित जोनल अधिकारियों को पंपिंग सेट तैयार रखने को कहा गया है।
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