सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
ब्रेकिंग
वाराणसी एमएलसी मतगणना: पहड़िया मंडी में त्रिस्तरीय सुरक्षा, कल सुबह 8 बजे से गिने जाएंगे वोट डिजिटल हेल्थ लॉकर क्या है और मेडिकल रिकॉर्ड कैसे सुरक्षित रखें? Amazon Share Price: नतीजों से पहले UBS ने बढ़ाया टारगेट, 40% की तेजी का अनुमान प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना: पात्रता, श्रेणियां और आवेदन प्रक्रिया वाराणसी: बाढ़ के बाद घाटों पर सिल्ट हटाने की मशक्कत जारी, फिसलन से श्रद्धालु परेशान Premada Oorali Box Office: 2 करोड़ की फिल्म ने कमाए 100 करोड़, रचा नया इतिहास
ऑटो

FASTag New Rules: टोल प्लाजा पर यात्रा करने से पहले जान लें ये जरूरी नियम

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा तय किए गए FASTag नियमों के तहत सफर करना अब और अधिक व्यवस्थित हो गया है। जानिए इसके ताजा नियम और जरूरी बातें।

FASTag – टोल प्लाजा पर स्कैन होता हुआ फास्टैग
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: Hasselqvist / Pixabay

भारत में नेशनल हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन यानी FASTag व्यवस्था बेहद जरूरी हिस्सा बन चुकी है। सरकार और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) समय-समय पर टोल प्लाजा पर ट्रैफिक को सुगम बनाने और धोखाधड़ी रोकने के लिए नियमों में बदलाव करते रहते हैं। यदि आप भी कार या अन्य चार पहिया वाहन से सफर करते हैं, तो फास्टैग से जुड़े मौजूदा नियमों की पूरी जानकारी होना बहुत आवश्यक है, ताकि सफर के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या जुर्माने से बचा जा सके।

FASTag: एक वाहन, एक फास्टैग का नियम

सड़क परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए 'वन वेहिकल, वन फास्टैग' (One Vehicle, One FASTag) का नियम लागू किया गया था। इसके तहत एक वाहन के लिए केवल एक ही वैध फास्टैग होना चाहिए और एक ही टैग का इस्तेमाल कई गाड़ियों के लिए नहीं किया जा सकता। यदि कोई वाहन चालक एक ही फास्टैग का उपयोग अलग-अलग गाड़ियों पर करता पकड़ा जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, बैंक खातों या डिजिटल वॉलेट से जुड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य है ताकि टोल कटने में कोई तकनीकी बाधा न आए।

KYC और वाहन का मिलान

फास्टैग को वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और चेसिस नंबर से सही तरीके से लिंक करना अनिवार्य किया गया है। वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होता है कि उनके फास्टैग अकाउंट की केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो। हाल के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रक्रिया को सरल बनाया गया है ताकि बार-बार की परेशानियों से बचा जा सके, लेकिन डेटाबेस में गाड़ी का सही विवरण होना अब भी अनिवार्य है ताकि वाहन की पहचान तुरंत हो सके।

टोल प्लाजा पर डबल चार्ज का नियम

  • बिना फास्टैग के प्रवेश: यदि आपकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं लगा है और आप गलती से फास्टैग लेन में प्रवेश कर जाते हैं, तो आपको निर्धारित टोल शुल्क का दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है।
  • अपर्याप्त बैलेंस या तकनीकी खराबी: यदि आपके फास्टैग खाते में पर्याप्त बैलेंस नहीं है या टैग डैमेज होने के कारण स्कैन नहीं हो पाता है, तब भी टोल बूथ पर दोगुना शुल्क वसूले जाने का नियम है।
  • अकाउंट ब्लैकलिस्ट होना: केवाईसी या अन्य कारणों से यदि फास्टैग ब्लैकलिस्ट या हॉटलिस्ट हो जाता है, तो वह टोल पर काम नहीं करेगा। यात्रा से पहले अपने अकाउंट का स्टेटस जांच लेना समझदारी है।

फास्टैग को लेकर जरूरी सावधानियां

सफर पर निकलने से पहले हमेशा अपने फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त राशि का बैलेंस रखें। कई बार टोल प्लाजा के पास पहुँचकर जल्दबाजी में ऑनलाइन रीचार्ज करने पर सर्वर या नेटवर्क की समस्या के कारण ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है, जिससे लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ सकता है। इसके अलावा, अपने वाहन की विंडस्क्रीन पर फास्टैग को सही ढंग से और अंदर की तरफ साफ़ जगह पर चिपकाएं, ताकि टोल गेट पर लगे सेंसर उसे एक बार में ही आसानी से स्कैन कर सकें।

यह भी पढ़ें: Suzuki Wagon R का नया अवतार सामने आया, मॉडर्न लुक और ADAS सेफ्टी से लैस

यह भी पढ़ें: अटल पेंशन योजना: पात्रता, फायदे और आवेदन की पूरी प्रक्रिया | पीएम आवास योजना ग्रामीण: पात्रता, लिस्ट और आवेदन की पूरी जानकारी

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या एक फास्टैग का इस्तेमाल दो अलग-अलग कारों के लिए किया जा सकता है?

नहीं, एक फास्टैग केवल उसी वाहन के लिए वैध है जिसके रजिस्ट्रेशन नंबर और आरसी के साथ उसे जारी किया गया है। इसे दूसरी गाड़ी पर इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है।

यदि टोल प्लाजा पर फास्टैग काम न करे तो क्या करना होगा?

यदि मशीन टैग को रीड नहीं कर पाती है या खाते में तकनीकी समस्या आती है, तो ऐसी स्थिति में टोल नियमों के अनुसार भुगतान करना होता है। भविष्य की असुविधा से बचने के लिए अपने बैंक या संबंधितissuer से संपर्क करके टैग की स्थिति की जांच करवा लें।

Ashish

संपादक, खबर केंद्र