सर्दियों में बार-बार बीमार पड़ने से कैसे बचें? इम्युनिटी मज़बूत रखने के 8 आसान तरीके
मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ जाते हैं। सही खान-पान, नींद और कुछ आसान आदतों से आप और आपका परिवार इस मौसम में सेहतमंद रह सकते हैं।
अक्टूबर-नवंबर में जैसे ही सुबह-शाम ठंडक बढ़ती है, घर-घर में सर्दी-जुकाम, गले में खराश, खांसी और वायरल बुखार के मामले बढ़ने लगते हैं। अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर मौसमी संक्रमणों से बचाव के लिए किसी महंगे सप्लीमेंट की नहीं, बल्कि रोज़ की कुछ सही आदतों की ज़रूरत होती है। संतुलित खाना, पूरी नींद, साफ-सफाई और थोड़ी सी शारीरिक सक्रियता शरीर की प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को सहारा देती है।
सर्दियों में लोग ज़्यादा बीमार क्यों पड़ते हैं?
ठंड के मौसम में लोग बंद कमरों में ज़्यादा समय बिताते हैं, जिससे वायरस एक व्यक्ति से दूसरे तक आसानी से पहुंचते हैं। हवा सूखी होने से नाक और गले की नमी कम हो जाती है, और कई इलाकों में इस समय प्रदूषण भी बढ़ जाता है। धूप कम मिलने और पानी कम पीने की आदत भी शरीर पर असर डालती है।
इम्युनिटी मज़बूत रखने के 8 आसान तरीके
1. थाली में रंग-बिरंगी सब्ज़ियां और फल
सर्दियों में मिलने वाले मौसमी फल और सब्ज़ियां जैसे आंवला, संतरा, अमरूद, गाजर, पालक, मेथी और शकरकंद विटामिन, मिनरल और फाइबर देते हैं। कोशिश करें कि रोज़ की थाली में कम से कम दो-तीन रंग की सब्ज़ियां और एक मौसमी फल ज़रूर हो।
2. प्रोटीन को नज़रअंदाज़ न करें
शरीर की मरम्मत और संक्रमण से लड़ने में प्रोटीन अहम भूमिका निभाता है। दाल, चना, राजमा, दूध, दही, पनीर, अंडा, सोयाबीन और मूंगफली जैसे विकल्पों में से हर भोजन में कुछ न कुछ शामिल करें।
3. पानी और गर्म तरल पदार्थ
ठंड में प्यास कम लगती है, इसलिए लोग पानी कम पीते हैं। गुनगुना पानी, सब्ज़ियों का सूप, दाल का पानी या हल्की हर्बल चाय से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और गले को भी आराम मिलता है।
4. रोज़ 7–8 घंटे की नींद
नींद पूरी न होने पर शरीर थका रहता है और संक्रमण से लड़ने की क्षमता पर असर पड़ता है। वयस्कों के लिए आम तौर पर 7–8 घंटे की नींद सही मानी जाती है, जबकि बच्चों और किशोरों को इससे ज़्यादा नींद चाहिए। सोने से पहले मोबाइल स्क्रीन से दूरी बनाना मददगार होता है।
5. रोज़ थोड़ा व्यायाम और धूप
ठंड में भी रोज़ 30 मिनट तेज़ चलना, योग या हल्का व्यायाम करें। सुबह की हल्की धूप में कुछ समय बिताने से शरीर को विटामिन D बनाने में मदद मिलती है। अगर आपके इलाके में प्रदूषण ज़्यादा है, तो सुबह-सुबह बाहर व्यायाम करने के बजाय घर के अंदर कसरत करें।
6. हाथ धोना और साफ-सफाई
साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोना सर्दी-जुकाम और पेट के संक्रमण से बचने का सबसे आसान तरीका है। खाना खाने से पहले, बाहर से आने के बाद और खांसने-छींकने के बाद हाथ ज़रूर धोएं। खांसते या छींकते समय मुंह को रुमाल या कोहनी से ढकें।
7. तनाव कम करें
लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव भी शरीर पर बुरा असर डालता है। रोज़ कुछ मिनट गहरी सांस लेना, ध्यान, परिवार के साथ समय बिताना या अपनी पसंद का कोई काम करना तनाव कम करने में मदद करता है।
8. टीकाकरण के बारे में डॉक्टर से बात करें
बुज़ुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और डायबिटीज़, दिल या फेफड़ों की बीमारी वाले लोगों को मौसमी फ्लू से ज़्यादा खतरा होता है। ऐसे लोगों को अपने डॉक्टर से फ्लू के टीके और दूसरे ज़रूरी टीकों के बारे में सलाह लेनी चाहिए।
इन बातों से बचें
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं न लें — सर्दी-जुकाम ज़्यादातर वायरस से होता है, जिस पर एंटीबायोटिक असर नहीं करते।
- “इम्युनिटी बूस्टर” के नाम पर बिकने वाले सप्लीमेंट या काढ़े का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन न करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी रखें, ये फेफड़ों और पूरे शरीर को कमज़ोर करते हैं।
- बहुत तला-भुना और ज़्यादा मीठा खाना सीमित रखें।
डॉक्टर को कब दिखाएं?
अगर बुखार तीन दिन से ज़्यादा रहे, सांस लेने में तकलीफ हो, सीने में दर्द हो, बहुत कमज़ोरी या चक्कर आए, या छोटे बच्चे और बुज़ुर्ग खाना-पीना कम कर दें, तो घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
ज़रूरी बातें एक नज़र में
- मौसमी फल-सब्ज़ियां, प्रोटीन और भरपूर पानी
- रोज़ 7–8 घंटे की नींद और 30 मिनट व्यायाम
- बार-बार हाथ धोना और खांसते-छींकते समय मुंह ढकना
- ज़्यादा जोखिम वाले लोग टीकाकरण पर डॉक्टर से सलाह लें
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या कोई एक चीज़ खाने से इम्युनिटी तुरंत बढ़ जाती है?
नहीं। इम्युनिटी किसी एक खाने या दवा से रातों-रात नहीं बढ़ती। संतुलित भोजन, अच्छी नींद, व्यायाम और साफ-सफाई जैसी आदतें लंबे समय में शरीर को मज़बूत रखती हैं।
क्या सर्दी-जुकाम में एंटीबायोटिक लेनी चाहिए?
आम सर्दी-जुकाम वायरस से होता है और इसमें एंटीबायोटिक काम नहीं करतीं। कोई भी दवा डॉक्टर की सलाह से ही लें।
बच्चों को सर्दियों में बीमार होने से कैसे बचाएं?
बच्चों को मौसम के हिसाब से कपड़े पहनाएं, हाथ धोने की आदत डालें, घर का पौष्टिक खाना दें, समय पर टीके लगवाएं और बीमार होने पर उन्हें स्कूल भेजने के बजाय आराम करने दें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी, दवा या सप्लीमेंट से जुड़े फैसले से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।