NCERT New Syllabus 2026: जानिए नए पाठ्यक्रम और किताबों में क्या बदलाव हुए
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी द्वारा स्कूली पाठ्यक्रम और किताबों में लगातार बदलाव किए जा रहे हैं। आइए जानते हैं कि नए सिलेबस में छात्रों के लिए क्या खास है।
देशभर के स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत स्कूली शिक्षा के ढांचे में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने नए पाठ्यक्रम और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम रूपरेखा (NCF-SE) के आधार पर किताबों के स्वरूप में संशोधन किया है। रटने की प्रवृत्ति को छोड़कर छात्रों में वैचारिक समझ और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य है।
NCERT: पाठ्यक्रम में मुख्य बदलाव और नई किताबें
एनसीईआरटी द्वारा स्कूली शिक्षा के विभिन्न चरणों के लिए चरणबद्ध तरीके से नई किताबें लाई गई हैं। पुरानी और भारी-भरकम किताबों के बोझ को कम करने के लिए विषय वस्तु को तार्किक रूप से सुव्यवस्थित किया गया है। कुछ कक्षाओं में किताबों के नाम और उनके भीतर के अध्यायों को भी नए संदर्भों के साथ ढाला गया है ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान से जुड़ सकें।
रटने की बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा
नए पाठ्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें थ्योरी या परिभाषाओं पर जोर देने के बजाय गतिविधियों (Activities) और प्रयोगों को प्राथमिकता दी गई है। विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों में अध्यायों की शुरुआत छात्र-केंद्रित उदाहरणों और रोजमर्रा के जीवन से जुड़ी घटनाओं के माध्यम से होती है। इससे बच्चों की तार्किक और विश्लेषणात्मक क्षमता मजबूत होती है।
कक्षाओं के अनुसार बदलाव की प्रक्रिया
प्रारंभिक और मध्यम चरण:शुरुआती कक्षाओं से लेकर मिडिल स्कूल स्तर तक की किताबों में स्थानीय परिवेश और भारतीय संस्कृति को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
माध्यमिक स्तर:कक्षा 9 और उससे आगे की कक्षाओं के लिए नए पाठ्यक्रम और पाठ्यपुस्तकों को चरणबद्ध रूप से लागू किया जा रहा है, जिसकी विस्तृत जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाती है।
कम किया गया पाठ्यक्रम भार:छात्रों के मानसिक तनाव को कम करने के लिए पुनरावृत्ति वाले और अनावश्यक हिस्सों को हटाया गया है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी बातें
जो छात्र और अभिभावक नए सत्र के लिए तैयारी कर रहे हैं, वे एनसीईआरटी की आधिकारिक वेबसाइट ncert.nic.in से डिजिटल प्रारूप (PDF) में किताबें और पाठ्यक्रम डाउनलोड कर सकते हैं। शिक्षाविदों का सुझाव है कि बदलते पैटर्न को समझने के लिए छात्रों को केवल पुराने नोट्स या गाइड पर निर्भर रहने के बजाय नई पाठ्यपुस्तकों की अवधारणाओं को गहराई से पढ़ना चाहिए।
यह भी पढ़ें: UPSC सिविल सेवा परीक्षा की योग्यता: आयु सीमा और प्रयास नियम | UPSC Eligibility Criteria: उम्र सीमा और प्रयासों के नियम समझें | MCA कोर्स क्या है? योग्यता, प्रवेश प्रक्रिया और करियर स्कोप