गंगा विलास क्रूज पहुंचा वाराणसी: विदेशी सैलानी करेंगे काशी विश्वनाथ और सारनाथ का भ्रमण
कोलकाता से निकला लग्जरी रिवर क्रूज गंगा विलास विदेशी पर्यटकों को लेकर काशी पहुंच चुका है। सैलानियों का यह दल विश्वनाथ धाम और सारनाथ का भ्रमण करेगा।
दुनिया के सबसे लंबे नदी जलमार्ग पर चलने वाला स्वदेशी लग्जरी रिवर क्रूज 'गंगा विलास' विदेशी पर्यटकों के दल को लेकर वाराणसी पहुंच गया है। कोलकाता से अपनी जलयात्रा पूरी कर यह जहाज रामनगर स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर लंगर डाल चुका है। इस दल में स्विट्जरलैंड और जर्मनी समेत कई यूरोपीय देशों के सैलानी शामिल हैं, जो काशी की अध्यात्म और समृद्ध विरासत से रूबरू होंगे।
गंगा विलास: रामनगर मल्टी मॉडल टर्मिनल पर लंगर, काशी में पड़ाव
भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) के राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-1 पर यात्रा करते हुए गंगा विलास मंगलवार शाम तय समय से थोड़ा पहले ही वाराणसी सीमा में प्रविष्ट हुआ। राल्हूपुर (रामनगर) स्थित मल्टी मॉडल टर्मिनल पर जहाज के पहुंचते ही स्थानीय स्तर पर सुरक्षा और प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम दिखे। यात्रा के दौरान विदेशी सैलानियों ने गंगा किनारे फैले प्राकृतिक नजारों और ऐतिहासिक घाटों की छटा को अपने कैमरों में कैद किया।
विश्वनाथ धाम, गंगा आरती और सारनाथ भ्रमण का शेड्यूल
प्रशासन और क्रूज प्रबंधन के अनुसार, काशी प्रवास के दौरान सैलानी शहर के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा करेंगे। दल के भ्रमण का मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
- काशी विश्वनाथ धाम: सैलानी बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाएंगे और मंदिर परिसर की भव्य वास्तुकला को देखेंगे।
- दशाश्वमेध घाट: शाम के वक्त पर्यटक गंगा किनारे होने वाली विश्वप्रसिद्ध महाआरती के साक्षी बनेंगे।
- सारनाथ: भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और पुरातात्विक संग्रहालय का भ्रमण करेंगे।
- रामनगर और चुनार किला: सैलानियों को ऐतिहासिक रामनगर किला दिखाने के साथ-साथ चुनार के प्राचीन किले के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी दी जाएगी।
रिवर क्रूज पर्यटन का बड़ा केंद्र बन रही काशी
गंगा विलास भारत में निर्मित पहला आधुनिक रिवर क्रूज है। इसमें पांच सितारा होटल जैसी सुविधाएं, मॉडर्न रेस्टोरेंट, स्पा और लाउंज की व्यवस्था है। जनवरी 2023 में वाराणसी से डिब्रूगढ़ के बीच 3200 किलोमीटर की ऐतिहासिक यात्रा के बाद से यह क्रूज लगातार अंतरराष्ट्रीय सैलानियों की पहली पसंद बना हुआ है। बनारस में तीन दिनों के प्रवास और भ्रमण के बाद सैलानियों का यह जहाज 3 नवंबर को वापस कोलकाता की यात्रा पर रवाना होगा, जिसके दौरान दल बिहार के प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक पड़ावों का भी रुख करेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
गंगा विलास क्रूज वाराणसी में कहां रुका हुआ है?
गंगा विलास क्रूज रामनगर (राल्हूपुर) स्थित इनलैंड वॉटरवेज अथॉरिटी के मल्टी मॉडल टर्मिनल पर लंगर डाले हुए है।
विदेशी पर्यटक काशी में किन स्थानों का भ्रमण करेंगे?
विदेशी मेहमान श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती, सारनाथ बौद्ध स्थल, रामनगर किला और चुनार किले का दौरा करेंगे।
यह क्रूज वाराणसी से कब रवाना होगा?
क्रूज संचालक के तय कार्यक्रम के अनुसार पर्यटकों का दल 3 नवंबर को इसी क्रूज से कोलकाता की वापसी यात्रा पर निकलेगा।