वियतनाम और यूरोपीय संघ के रिश्तों में नया मोड़, तो लाम के यूरोपीय दौरे के क्या हैं मायने
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के यूरोपीय संघ और सहयोगी देशों के दौरे के बाद व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
वियतनाम के कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम ने यूरोपीय संघ (EU), बेल्जियम और डेनमार्क का अपना कूटनीतिक दौरा पूरा कर लिया है। इस यात्रा के दौरान वियतनाम और यूरोपीय देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने और आर्थिक रिश्तों को अगले स्तर पर ले जाने पर सहमति बनी है। दक्षिण-पूर्व एशिया में तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था वियतनाम का पश्चिमी साझेदारों के साथ यह तालमेल वैश्विक भू-राजनीति और आपूर्ति श्रृंखला के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
यूरोपीय संघ: ब्रुसेल्स में शीर्ष नेतृत्व के साथ अहम बातचीत
ब्रुसेल्स स्थित यूरोपीय संघ मुख्यालय में राष्ट्रपति तो लाम ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन से उच्च स्तरीय वार्ता की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' के ढांचे में और अधिक व्यावहारिक बनाने पर जोर दिया।
बैठक में केवल राजनयिक औपचारिकताओं तक सीमित न रहकर भविष्य के साझा प्राथमिकताओं पर ठोस खाका खींचा गया। दोनों पक्षों ने माना कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के दौर में स्वतंत्र, नियम-आधारित व्यवस्था और आर्थिक आत्मनिर्भरता बनाए रखने के लिए यह साझेदारी समय की मांग है।
व्यापार, निवेश और ग्रीन एनर्जी पर केंद्रित एजेंडा
इस दौरे का सबसे बड़ा जोर आर्थिक और व्यापारिक साझेदारी को विस्तार देने पर रहा। वियतनाम और यूरोपीय संघ के बीच पहले से लागू मुक्त व्यापार समझौते (EVFTA) के जरिए व्यापार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन अब दोनों पक्ष निवेश सुरक्षा समझौते (EVIPA) की प्रक्रिया को गति देने पर विचार कर रहे हैं।
- आपूर्ति श्रृंखला का विस्तार: सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और विनिर्माण के क्षेत्र में वियतनाम यूरोपीय कंपनियों के लिए चीन के विकल्प के रूप में उभर रहा है।
- स्वच्छ ऊर्जा रूपांतरण: यूरोपीय संघ ने वियतनाम के ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में तकनीकी व वित्तीय सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है।
- समुद्री कनेक्टिविटी: बंदरगाहों के आधुनिकीकरण और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित व सुगम बनाने के लिए लॉजिस्टिक्स पर संयुक्त कार्ययोजना बनेगी।
हिंद-प्रशांत सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून पर सहमति
आर्थिक सहयोग के अलावा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों ने साझा रुख अपनाया। यूरोपीय संघ और वियतनाम ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS 1982) के सम्मान पर बल दिया।
दक्षिण चीन सागर के संवेदनशील इलाके में जहाजों की निर्बाध आवाजाही (Freedom of Navigation) और क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाने पर सहमति बनी। आसियान (ASEAN) की केंद्रीय भूमिका का समर्थन करते हुए यूरोपीय संघ ने माना कि दक्षिण-पूर्व एशिया की स्थिरता वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा से जुड़ी हुई है।
भारत और एशियाई बाजार के नजरिए से क्यों महत्वपूर्ण?
भारत के लिए वियतनाम 'एक्ट ईस्ट' नीति का एक बेहद भरोसेमंद साझेदार है। यूरोपीय देशों का वियतनाम के साथ करीबी जुड़ाव इस पूरे क्षेत्र में संतुलित बहुध्रुवीय व्यवस्था को बढ़ावा देता है। जब पश्चिमी देश एशियाई विनिर्माण में अपनी निर्भरता को कई देशों में बांटते हैं, तो इससे भारत और वियतनाम जैसे देशों के बीच क्षेत्रीय औद्योगिक तालमेल को भी बढ़ावा मिलता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वियतनाम और यूरोपीय संघ के बीच ताजा चर्चा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय संघ, डेनमार्क और बेल्जियम के साथ रणनीतिक संबंधों को गहरा करना, द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना और स्वच्छ ऊर्जा व तकनीक में नए निवेश लाना था।
EVFTA समझौता क्या है और यह क्यों चर्चा में है?
EVFTA यूरोपीय संघ और वियतनाम के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता है। इसके तहत अधिकांश वस्तुओं पर सीमा शुल्क खत्म या कम किया गया है, जिससे वियतनामी वस्त्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि उत्पाद यूरोप के बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर पहुंच रहे हैं।