सोमवार, 26 अक्टूबर 2026
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MCX Gold: कच्चे तेल में उबाल से फिसला सोना, फेड मीटिंग से पहले ₹1.42 लाख के करीब भाव

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले सोने पर दबाव बढ़ गया है। घरेलू बाजार में एमसीएक्स पर सोना फिसलकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब आ गया है।

MCX Gold – सोने की छड़ें और आभूषण बाजार
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: Stevebidmead / Pixabay

MCX Gold: मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत बैठक से पहले कीमती धातुओं पर बिकवाली का दबाव गहरा गया है। घरेलू वायदा बाजार में सोना फिसलकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में आ चुका है, जो पिछले तीन महीनों का निचला स्तर है।

MCX Gold: वायदा बाजार में सोने और चांदी की स्थिति

घरेलू बाजार में पिछले कुछ सत्रों से जारी बिकवाली ने कीमती धातुओं को रक्षात्मक रुख में ला दिया है। एमसीएक्स पर सोने के दिसंबर अनुबंधों में बीते सप्ताह लगभग 4 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे भाव 1,42,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर के आसपास टिके हुए हैं।

सोने के साथ-साथ चांदी में भी भारी मुनाफावसूली देखने को मिली है। एमसीएक्स पर चांदी करीब 7 प्रतिशत से अधिक टूटकर 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रही है। वैश्विक स्तर पर भी हाजिर सोना कमजोर होकर 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

कच्चे तेल में तेजी और यूएस फेड का डर

सोने पर बने इस दबाव की सबसे बड़ी वजह ऊर्जा बाजार में मची उथल-पुथल है। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है। जब भी कच्चे तेल के भाव इस कदर उछलते हैं, तो दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो जाता है।

बाजार को आशंका है कि बढ़ती ऊर्जा लागत के कारण केंद्रीय बैंक अपनी सख्त मौद्रिक नीतियों को लंबे समय तक जारी रख सकते हैं। 27 और 28 अक्टूबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अहम बैठक होने जा रही है। अगर फेड ने ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख जारी रखा, तो बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश की मांग कमजोर पड़ सकती है। यही वजह है कि बड़े संस्थागत निवेशक फिलहाल सोने में नई खरीदारी करने से बच रहे हैं।

त्योहारी खरीदारी पर क्या पड़ेगा असर?

भारतीय सर्राफा बाजारों में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब त्योहारी और शादियों का सीजन अपने चरम पर है। कीमतें अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से नीचे आने के कारण आभूषणों की खुदरा मांग को कुछ सहारा मिल सकता है। जो ग्राहक बीते हफ्तों में आसमान छूते दामों की वजह से खरीदारी टाल रहे थे, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका बन रही है। हालांकि, बाजार के जानकार मानते हैं कि जब तक कच्चे तेल और फेड की बैठक का रुख पूरी तरह साफ नहीं होता, तब तक कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

एमसीएक्स पर सोने के भाव में गिरावट क्यों आ रही है?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक महंगाई और ऊंची ब्याज दरों की आशंका बढ़ गई है। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को देखते हुए निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं।

वर्तमान में एमसीएक्स पर सोने और चांदी के क्या भाव हैं?

एमसीएक्स पर सोना गिरकर लगभग 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब आ गया है, जबकि चांदी फिसलकर करीब 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है।

क्या त्योहारी सीजन में सोने में और गिरावट आ सकती है?

कीमतों की दिशा काफी हद तक ब्रेंट क्रूड की चाल और 27-28 अक्टूबर को आने वाले अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नीतिगत बयानों पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव शांत होता है, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है।

Ashish

संपादक, खबर केंद्र