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उत्तर प्रदेश

नोएडा में न्यूनतम मजदूरी की नई दरें लागू: जानिए अब किस श्रेणी को कितना मिलेगा वेतन

उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के कामगारों के लिए न्यूनतम मजदूरी की नई दरें जारी कर दी हैं। जानिए अकुशल, अर्धकुशल और कुशल श्रमिकों को अब कितना वेतन मिलेगा।

न्यूनतम मजदूरी – कारखाने में काम करते हुए औद्योगिक श्रमिक
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: mostafa_meraji / Pixabay

नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के वेतन में बढ़ोतरी हो गई है। उत्तर प्रदेश श्रम विभाग ने परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन करते हुए नई न्यूनतम मजदूरी दरें तय कर दी हैं। ये नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी और 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी।

न्यूनतम मजदूरी: नई दरों के बाद किसको कितना मिलेगा वेतन?

अपर श्रमायुक्त राकेश द्विवेदी के अनुसार, जनवरी से जून 2026 तक के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर यह समायोजन किया गया है। इसके तहत अकुशल, अर्धकुशल और कुशल—तीनों श्रेणियों के कामगारों के मासिक वेतन में महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी जोड़ी गई है :

श्रमिक श्रेणीमूल वेतन (रुपये)महंगाई भत्ता (VDA)कुल मासिक न्यूनतम वेतन
अकुशल (Unskilled)₹12,885.00₹998.59₹13,883.59
अर्धकुशल (Semi-skilled)₹14,173.00₹1,098.41₹15,271.41
कुशल (Skilled)₹15,876.00₹1,230.39₹17,106.39

इसका सीधा मतलब यह है कि जिले की किसी भी फैक्ट्री, दुकान, होटल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान में काम करने वाले अकुशल मजदूर को अब 13,883 रुपये से कम मासिक वेतन नहीं दिया जा सकता। वहीं कुशल कारीगरों का मासिक पारिश्रमिक 17 हजार रुपये के पार पहुंच गया है।

किन संस्थानों और कर्मचारियों पर लागू होगा यह फैसला?

श्रम विभाग द्वारा निर्धारित यह नियम गौतमबुद्ध नगर जिले के सभी पंजीकृत और गैर-पंजीकृत औद्योगिक कारखानों, दुकानों, व्यावसायिक उपक्रमों और ठेके पर काम कराने वाली एजेंसियों पर बाध्यकारी है।

  • औद्योगिक श्रमिक: सेक्टर-2, 3, 4, 10, फेज-2, होजरी कॉम्प्लेक्स और ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर-कासना बेल्ट में कार्यरत कर्मचारी।
  • दुकान व प्रतिष्ठान कर्मी: स्थानीय बाजारों, मॉल, शोरूम, रेस्टोरेंट और ट्रांसपोर्ट कंपनियों में काम करने वाले सहायक।
  • आउटसोर्सिंग व संविदा कर्मी: निजी व अर्ध-सरकारी विभागों में ठेकेदारी के तहत सेवाएं दे रहे सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी और हेल्पर।

कंपनियों को देना होगा पिछले दिनों का बकाया (एरियर)

चूंकि नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू की गई हैं, इसलिए अक्टूबर के वेतन चक्र में कंपनियों को इस बढ़ोतरी का लाभ जोड़कर देना होगा। यदि किसी नियोक्ता ने महीने के शुरुआती दिनों का वेतन पुराने हिसाब से तय कर रखा है, तो उसे बाकी दिनों के अंतर की राशि (Arrears) जोड़कर देनी पड़ेगी। श्रम विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित न्यूनतम दर से कम भुगतान करना कानूनन अपराध है और शिकायत मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

श्रमिकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

कामगारों को अपनी सैलरी स्लिप में यह जरूर देखना चाहिए कि उनका मूल वेतन और महंगाई भत्ता नई दरों के मुताबिक है या नहीं। साथ ही भविष्य निधि (PF) और ईएसआई (ESI) की कटौती भी इसी कुल वेतन के आधार पर तय होती है, जिससे सामाजिक सुरक्षा लाभों में भी आनुपातिक सुधार होगा। यदि किसी संस्थान में नई दरों के हिसाब से वेतन नहीं मिलता है, तो श्रमिक क्षेत्रीय उप श्रमायुक्त या श्रम प्रवर्तन अधिकारी के कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नोएडा में नई न्यूनतम मजदूरी कब से लागू हुई है?

यह संशोधन 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हुआ है और 31 मार्च 2027 तक मान्य रहेगा इसके बाद उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर दोबारा समीक्षा की जाएगी।

क्या यह नियम पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक जैसा है?

उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरों को श्रेणियों में बांटा है। गौतमबुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) और गाजियाबाद को श्रेणी-प्रथम में रखा गया है, इसलिए यहां की दरें अन्य छोटे जिलों की तुलना में अधिक निर्धारित की गई हैं।

Ashish

संपादक, खबर केंद्र