FD ब्याज दर: वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा 8.5% तक का फायदा, देखें बैंकों की ताजा सूची
बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट ब्याज दरों में बदलाव के बाद वरिष्ठ नागरिकों को चुनिंदा बैंकों में 8.5 फीसदी तक का रिटर्न मिल रहा है। सरकारी और निजी बैंकों ने भी स्पेशल टेन्योर पेश किए हैं।
FD ब्याज दर: सुरक्षित निवेश और तय आमदनी की तलाश कर रहे जमाकर्ताओं के लिए बैंकों की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) ब्याज दर एक बार फिर चर्चा में है। अक्टूबर 2026 के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश के कई स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को पांच साल की अवधि पर 8.50 फीसदी तक सालाना ब्याज की पेशकश कर रहे हैं। वहीं भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और आईसीआईसीआई बैंक जैसे बड़े संस्थान भी अपनी स्पेशल स्कीमों के जरिए 7 फीसदी से अधिक रिटर्न दे रहे हैं।
FD ब्याज दर: स्मॉल फाइनेंस बैंकों में सबसे ऊंची ब्याज दर
अगर आप अधिकतम रिटर्न की तलाश में हैं, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक इस समय सबसे आगे नजर आ रहे हैं। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को पांच साल की एफडी पर 8.50 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है। इसी तरह जना स्मॉल फाइनेंस बैंक में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 8.00 फीसदी और उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में 7.70 फीसदी तक की ब्याज दरें उपलब्ध हैं। सामान्य नागरिकों के लिए इन बैंकों में दरें आमतौर पर 0.50 फीसदी कम रहती हैं।
एसबीआई की 444 दिन वाली अमृत वृष्टि योजना
देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक ने 444 दिनों की विशेष अवधि वाली 'अमृत वृष्टि' योजना लागू कर रखी है। इस योजना में आम नागरिकों को 6.45 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को 6.95 फीसदी और 80 वर्ष से ऊपर के सुपर सीनियर सिटीजन्स को 7.05 फीसदी तक का सालाना रिटर्न मिल रहा है। यदि कोई निवेशक मध्यम अवधि के लिए पैसा जमा करना चाहता है, तो यह विकल्प काफी पसंद किया जा रहा है।
सरकारी और निजी बैंकों के ताजा आंकड़े
पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर के प्रमुख बैंकों ने अपनी ब्याज दरों को अलग-अलग अवधि के हिसाब से व्यवस्थित किया है। आईसीआईसीआई बैंक ने हाल ही में अपनी दरों को संशोधित किया है, जहां सामान्य नागरिकों को अधिकतम 6.60 फीसदी और वरिष्ठ नागरिकों को 7.20 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है।
| बैंक का नाम | सामान्य नागरिक (अधिकतम दर) | वरिष्ठ नागरिक (अधिकतम दर) |
|---|---|---|
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% | 8.50% |
| जना स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% | 8.00% |
| बैंक ऑफ इंडिया | 6.95% | 7.45% |
| भारतीय स्टेट बैंक (SBI) | 6.45% | 7.05% |
| आईसीआईसीआई बैंक | 6.60% | 7.20% |
| केनरा बैंक | 6.60% | 7.10% |
निवेश से पहले सुरक्षा और टैक्स के नियम समझें
ऊंची ब्याज दर देखकर पूरा पैसा एक ही जगह लगाने से बचना समझदारी भरा फैसला माना जाता है। रिजर्व बैंक के नियमों के तहत 'डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन' (DICGC) प्रत्येक बैंक में प्रति खाताधारक 5 लाख रुपये तक की मूल रकम और ब्याज को बीमा सुरक्षा देता है। इसलिए यदि आप स्मॉल फाइनेंस बैंकों में निवेश कर रहे हैं, तो जोखिम बांटने के लिए रकम को अलग-अलग बैंकों में बांटना सुरक्षित रहता है।
इसके अलावा, एक वित्तीय वर्ष में एफडी से मिलने वाले ब्याज पर टैक्स डिडक्शन एट सोर्स (TDS) के नियम लागू होते हैं। यदि कुल सालाना आय कर-योग्य सीमा से कम है, तो टीडीएस से छूट पाने के लिए वरिष्ठ नागरिक फॉर्म 15H और सामान्य नागरिक फॉर्म 15G अपने बैंक में जमा कर सकते हैं। किसी भी योजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित बैंक की शाखा या आधिकारिक पोर्टल पर जाकर वर्तमान शर्तों की पुष्टि अवश्य कर लें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या वरिष्ठ नागरिकों को हमेशा सामान्य नागरिकों से ज्यादा ब्याज मिलता है?
हां, अधिकांश बैंक 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के भारतीय नागरिकों को नियमित दरों की तुलना में 0.50 फीसदी अतिरिक्त ब्याज दर प्रदान करते हैं। कई बैंक 80 वर्ष से अधिक उम्र के खाताधारकों को अतिरिक्त प्रीमियम भी देते हैं।
क्या स्मॉल फाइनेंस बैंकों में जमा पैसा सुरक्षित रहता है?
स्मॉल फाइनेंस बैंक भी रिजर्व बैंक के नियमन में आते हैं और इनमें प्रति ग्राहक 5 लाख रुपये तक की जमाराशि पर DICGC का बीमा कवर लागू रहता है।
एफडी पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस कब कटता है?
बैंकों में एक वित्तीय वर्ष के दौरान ब्याज आय निर्धारित सीमा से अधिक होने पर बैंक टैक्स काटते हैं। फॉर्म 15G या 15H जमा करके पात्र नागरिक टीडीएस कटौती रुकवा सकते हैं।