राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS): पात्रता, फायदे और खाता खोलने के नियम
बढ़ती महंगाई के बीच सुरक्षित रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) एक लोकप्रिय सरकारी योजना है। इसके नियम, पात्रता और टैक्स फायदों के बारे में जानिए।
भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित और तनावमुक्त बनाने के लिए सही समय पर निवेश करना बेहद जरूरी है। भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) एक ऐसी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति बचत योजना है, जो नौकरीपेशा और असंगठित क्षेत्र के लोगों को बुढ़ापे में नियमित आय का भरोसा देती है। पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) द्वारा नियंत्रित यह योजना लॉन्ग-स्टार्ट निवेश पर शानदार रिटर्न के साथ टैक्स बचाने में भी मदद करती है।
NPS योजना के मुख्य लाभ और विशेषताएं
नेशनल पेंशन सिस्टम केवल रिटायरमेंट के बाद ही सहारा नहीं बनती, बल्कि कामकाजी उम्र के दौरान भी इसके कई वित्तीय फायदे हैं। बाजार से जुड़े रिटर्न मिलने के कारण इसमें लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार होने की संभावना रहती है।
- दो तरह के खाते: इसमें टियर-1 (अनिवार्य रिटायरमेंट खाता) और टियर-2 (स्वैच्छिक बचत खाता) की सुविधा मिलती है।
- निवेश की स्वतंत्रता: निवेशक अपनी पसंद के अनुसार 'एक्टिव चॉइस' या 'ऑटो चॉइस' के जरिए इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी प्रतिभूतियों में फंड का आवंटन तय कर सकते हैं।
- कम लागत: दुनिया की सबसे कम लागत वाली पेंशन योजनाओं में इसकी गिनती होती है।
किसे मिलती है एनपीएस योजना में पात्रता?
इस योजना से जुड़ने के लिए सरकार ने बहुत सरल नियम तय किए हैं, ताकि देश का अधिक से अधिक नागरिक इसका लाभ उठा सके।
- आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए (निवासी या अनिवासी दोनों पात्र हैं)।
- खाता खुलवाते समय व्यक्ति की उम्र 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- व्यक्ति के पास केवाईसी के लिए वैध दस्तावेज जैसे आधार कार्ड और पैन कार्ड होना अनिवार्य है।
टैक्स सेविंग के नियम और छूट
एनपीएस में निवेश करने पर आयकर अधिनियम के तहत कई स्तर पर कर छूट का लाभ उठाया जा सकता है। पुरानी कर व्यवस्था के तहत धारा 80CCD(1) के अंतर्गत कुल आय का निश्चित हिस्सा डिडक्टिबल होता है। इसके अलावा धारा 80CCD(1B) के तहत 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त कर छूट मिलती है, जो आम 1.5 लाख रुपये की सीमा से अलग है। वहीं, नई टैक्स व्यवस्था में भी नियोक्ता (Employer) द्वारा किए जाने वाले अंशदान पर मिलने वाली छूट मान्य है।
ऑनलाइन एनपीएस अकाउंट कैसे खोलें?
घर बैठे एनपीएस खाता खोलने की प्रक्रिया बहुत आसान है। इसके लिए आप आधिकारिक सेंट्रल रिकॉर्ड कीपिंग एजेंसी (CRA) की वेबसाइट या ई-एनपीएस पोर्टल की मदद ले सकते हैं।
- सबसे पहले आधिकारिक एनपीएस पोर्टल पर जाएं और 'Registration' विकल्प चुनें।
- अपना आधार या पैन कार्ड विवरण दर्ज करके मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से सत्यापन करें।
- अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण और नॉमिनी की जानकारी भरें।
- अपनी पसंद का पेंशन फंड मैनेजर (PFM) और निवेश विकल्प चुनें।
- टियर-1 खाते के लिए न्यूनतम शुरुआती योगदान (मतौर पर 500 रुपये से शुरुआत) ऑनलाइन जमा करें।
- भुगतान पूरा होने के बाद आपको प्राण (PRAN - Permanent Retirement Account Number) कार्ड नंबर मिल जाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एनपीएस से बीच में पैसे निकाले जा सकते हैं?
जी हां, आपातकालीन जरूरतों या बच्चों की पढ़ाई और मकान खरीदने जैसे विशेष कारणों से नियमों के तहत कुछ वर्ष पूरे होने पर आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) की अनुमति मिलती है।
60 वर्ष की आयु पूरी होने पर फंड का क्या होता है?
वयस्कता के इस पड़ाव पर पहुंचने पर कुल फंड का एक निश्चित हिस्सा (नियमों के अनुसार) कर-मुक्त एकमुश्त निकाला जा सकता है, जबकि शेष राशि से पेंशन के लिए annuity खरीदनी होती है जिससे हर महीने नियमित आय मिलती है।
क्या एनपीएस टियर-2 खाता अनिवार्य है?
नहीं, टियर-2 खाता पूरी तरह वैकल्पिक है और इसे केवल वही लोग खोल सकते हैं जिनके पास पहले से टियर-1 खाता मौजूद हो। इसमें पैसे निकालने की पूरी छूट होती है लेकिन इस पर कोई टैक्स लाभ नहीं मिलता।