IMS BHU: सीनियर रेजिडेंट के 147 पद खाली, 18 एनेस्थीसिया डॉक्टर नदारद; तैनाती की कवायद तेज
आईएमएस बीएचयू और ट्रॉमा सेंटर में सीनियर रेजिडेंट के 147 पद रिक्त हैं। एनेस्थीसिया और सर्जरी सेवाओं को गति देने के लिए संस्थान प्रशासन जल्द तैनाती की तैयारी कर रहा है।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) और उससे जुड़े अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी का बड़ा मामला सामने आया है। संस्थान के सर सुंदरलाल अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर और विभिन्न संकायों में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के कुल 147 पद रिक्त पड़े हैं। इनमें सबसे संवेदनशील एनेस्थीसिया विभाग में ही 18 पद खाली हैं, जिसका सीधा असर सर्जरी और गंभीर मरीजों के इलाज पर पड़ रहा है |
सीनियर रेजिडेंट: किस विभाग और अस्पताल में कितने पद खाली?
संस्थान द्वारा जारी ब्योरे के अनुसार रिक्तियों में सबसे बड़ा हिस्सा मुख्य अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर से जुड़ा है। पूर्वांचल समेत बिहार और झारखंड से आने वाले हजारों मरीजों के प्राथमिक और गंभीर इलाज का जिम्मा इन्हीं विभागों पर रहता है:
- सर सुंदरलाल अस्पताल एवं मेडिसिन फैकल्टी: मेडिसिन फैकल्टी में 77 और सर सुंदरलाल अस्पताल में 11 पदों को मिलाकर कुल 88 पद रिक्त हैं।
- बीएचयू ट्रॉमा सेंटर: आपातकालीन और दुर्घटना राहत के इस केंद्र में 54 सीनियर रेजिडेंट के पद खाली पड़े हैं।
- डेंटल फैकल्टी: दंत चिकित्सा संकाय में भी सीनियर रेजिडेंट के 5 पद रिक्त हैं।
एनेस्थीसिया समेत इन विभागों में सबसे ज्यादा किल्लत
अस्पताल की कार्यप्रणाली में सबसे अहम कड़ी एनेस्थीसिया विभाग की होती है, क्योंकि किसी भी ऑपरेशन से पहले और सर्जरी के दौरान मरीज की स्थिति स्थिर रखने की जिम्मेदारी इन्हीं विशेषज्ञों पर होती है। यहां 18 पद खाली होने के चलते ऑपरेशन की प्रतीक्षा सूची पर दबाव बढ़ रहा है। इसके अलावा स्त्री रोग विभाग में 8 पद खाली हैं, जबकि बाल रोग, नेत्र रोग, हृदय रोग और नेफ्रोलॉजी विभागों में भी डॉक्टरों की कमी बनी हुई है |
मरीजों की देखभाल और वार्ड राउंड पर दबाव
बीएचयू के अस्पतालों में भर्ती मरीजों की नियमित जांच, वार्ड राउंड, दवाइयों की निगरानी और इमरजेंसी ड्यूटी में सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर ही रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। वरिष्ठ कंसल्टेंट डॉक्टरों के परामर्श के बाद चौबीसों घंटे मरीजों की निगरानी रेजिडेंट्स के ही जिम्मे होती है। इन अहम पदों के खाली रहने से वर्तमान में तैनात डॉक्टरों पर काम का दबाव बढ़ गया है और ओपीडी से लेकर इनडोर वार्डों तक मरीजों को भी इंतजार करना पड़ रहा है |
प्रशासन ने तेज की नियुक्ति प्रक्रिया, जल्द राहत की उम्मीद
आईएमएस प्रशासन ने इस कमी को दूर करने के लिए विभागीय स्तर पर भर्ती और चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। संस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर विभागवार रिक्तियों का ब्योरा जारी कर योग्य डॉक्टरों की तैनाती की कार्रवाई चल रही है। प्रशासनिक स्तर से मिली जानकारी के अनुसार, नवंबर महीने के दौरान कई विभागों में नए सीनियर रेजिडेंट्स की ज्वाइनिंग कराई जा सकती है, जिससे रूटीन ऑपरेशन और इमरजेंसी सेवाओं को पूरी क्षमता से चलाया जा सकेगा |
मरीजों और तीमारदारों के लिए जरूरी जानकारी
जब तक नई नियुक्तियां पूरी नहीं हो जातीं, अस्पताल प्रशासन ने सलाह दी है कि गंभीर व आपातकालीन मामलों में सीधे बीएचयू ट्रॉमा सेंटर के इमरजेंसी वार्ड से संपर्क करें। रूटीन ओपीडी और तय सर्जरी के लिए मरीज बीएचयू अस्पताल की ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था या तय ओपीडी समय सारिणी का पालन करें, ताकि परिसर में अनावश्यक भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से बचा जा सके।
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