देव दीपावली: काशी में महीने भर पहले होटल हाउसफुल, 15 लाख पर्यटकों के आने का अनुमान
कार्तिक पूर्णिमा पर होने वाले देव दीपोत्सव को लेकर काशी के होटल और होमस्टे अभी से पैक हो चुके हैं। चार गुना तक किराया बढ़ने के बाद भी करीब 15 लाख पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
वाराणसी में कार्तिक पूर्णिमा के पावन अवसर पर 24 नवंबर को मनाई जाने वाली देव दीपावली को लेकर देश-विदेश के श्रद्धालुओं में जबर्दस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्व में अभी लगभग एक महीने का समय बाकी है, लेकिन शहर के प्रमुख होटल, धर्मशालाएं, गेस्ट हाउस और होमस्टे पहले से ही लगभग पूरी तरह भर चुके हैं। स्थानीय पर्यटन कारोबारियों और प्रशासन के आकलन के मुताबिक, इस अलौकिक दीपोत्सव का साक्षी बनने के लिए इस बार करीब 15 लाख पर्यटकों के काशी पहुंचने का अनुमान है—यही वजह है कि सामान्य दिनों के मुकाबले कमरे का किराया तीन से चार गुना तक बढ़ने के बावजूद बुकिंग में भारी तेजी बनी हुई है।
देव दीपावली: घाटों से लेकर कैंट तक कमरों की भारी किल्लत
दशाश्वमेध घाट, अस्सी, ललिता घाट और पंचगंगा घाट के आसपास स्थित हेरिटेज होटलों और गंगा व्यू कमरों की मांग सबसे ज्यादा है। इन इलाकों में कई महीने पहले से ही अग्रिम आरक्षण हो चुका है। अब स्थिति यह है कि गोदौलिया, लक्सा, नई सड़क, भेलूपुर और कैंट स्टेशन के आसपास के सामान्य होटलों में भी 23 और 24 नवंबर के लिए कमरे मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। सामान्य तौर पर 2,500 से 4,000 रुपये में मिलने वाले कमरे 12,000 से 15,000 रुपये तक के दाम पर पहुंच गए हैं, वहीं लक्जरी श्रेणी के कमरों का किराया 40,000 से 60,000 रुपये के पार दर्ज किया जा रहा है |
नाव, क्रूज और बजड़ों की अग्रिम बुकिंग पूरी
देव दीपावली पर काशी के 84 घाटों पर लाखों दीपों की कतार को देखने का सबसे बेहतरीन जरिया गंगा की धारा से नौकायन माना जाता है। यही वजह है कि जल परिवहन से जुड़े संसाधनों की मांग भी चरम पर है:
- बड़े बजड़े और बोट: पारंपरिक बड़े बजड़ों का किराया 1 लाख से सवा लाख रुपये तक पहुंच चुका है और 60 फीसदी से अधिक नावें पहले ही बुक हो चुकी हैं।
- शेयरिंग बोट: सामान्य नौकाओं में प्रति व्यक्ति सीट का किराया 2,000 से 3,000 रुपये तक तय किया जा रहा है।
- क्रूज सेवा: गंगा में चलने वाले बड़े निजी और सरकारी क्रूज की सीटें लगभग महीने भर पहले ही पैक हो चुकी हैं।
सैलानियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट
पर्यटकों की भारी भीड़ को देखते हुए वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस कमिश्नरेट ने अभी से व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और जल बैरिकेडिंग की रूपरेखा तैयार की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर नमो घाट से लेकर रविदास घाट तक एनडीआरएफ (NDRF) और जल पुलिस के दस्ते तैनात रहेंगे। साथ ही त्योहार के दिन भीड़ नियंत्रण के लिए गोदौलिया, मैदागिन, सोनारपुरा और अस्सी मार्ग पर वाहनों के आवागमन को लेकर सख्त रूट डायवर्जन और नो-व्हीकल जोन योजना भी जल्द जारी की जाएगी।
पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव
अगर आप या आपके परिचित इस पावन अवसर पर काशी आने की योजना बना रहे हैं, तो कुछ व्यावहारिक बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:
- बिना पुष्टि के सीधे न आएं: होटल, ट्रेन या नाव की पुख्ता बुकिंग के बिना अंतिम क्षणों में शहर पहुंचने से बचें, क्योंकि मौके पर रुकने की व्यवस्था मिलना बहुत कठिन रहेगा।
- आधिकारिक माध्यम चुनें: किसी भी ऑनलाइन पैकेज या नाव बुकिंग के लिए केवल अधिकृत और भरोसेमंद टूर ऑपरेटरों या उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के जरिए ही भुगतान करें।
- पैदल चलने की तैयारी रखें: त्योहार के दिन दोपहर बाद से ही घाटों की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा, इसलिए आवश्यक दूरी पैदल तय करने का मानस बनाकर निकलें।
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