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वाराणसी: काशी विद्यापीठ के गंगापुर कैंपस में कला मेला, 350 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के गंगापुर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय कला मेले में विद्यार्थियों की 350 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं। कला प्रेमी यहां हस्तशिल्प और पेंटिंग्स की खरीदारी भी कर सकते हैं।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: coyot / Pixabay

वाराणसी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के महाराजा विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय कला मेले और सांस्कृतिक उत्सव में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया है। इस दौरान आयोजित राष्ट्रीय चित्र प्रदर्शनी में ललित कला विभाग और विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा तैयार की गईं 350 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित की गईं।

काशी विद्यापीठ: कैनवास पर उतरी काशी की विरासत और आधुनिक सोच

प्रदर्शनी में रखे गए चित्रों में काशी की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, ऐतिहासिक घाट, मंदिर, ग्रामीण परिवेश और आधुनिक सामाजिक विषयों को बारीकी से उकेरा गया है। जलरंग, तैलचित्र, एक्रेलिक और पेंसिल स्केच जैसी विभिन्न माध्यमों में सजी इन कलाकृतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। पारंपरिक भारतीय लोककला से लेकर समकालीन अमूर्त कला तक के विविध आयाम यहां एक छत के नीचे देखने को मिल रहे हैं।

कलाकृतियों का बाजार और हस्तशिल्प स्टॉल

इस तीन दिवसीय आयोजन में केवल चित्रों का प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि एक जीवंत कला बाजार भी सजाया गया है। मेले में विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित वस्तुओं, टेक्सटाइल डिजाइन, सिरेमिक पॉटरी और हस्तशिल्प के विशेष स्टॉल लगाए गए हैं।

  • सीधे खरीदारी का अवसर: मेले में आने वाले कला प्रेमी और शहरवासी विद्यार्थियों द्वारा तैयार कलाकृतियों और हस्तशिल्प उत्पादों को सीधे खरीद सकते हैं, जिससे युवा कलाकारों को आर्थिक प्रोत्साहन भी मिल रहा है।
  • लाइव कला प्रदर्शन: परिसर में विद्यार्थियों ने लाइव पोट्रेट मेकिंग और क्ले मॉडलिंग का सजीव प्रदर्शन कर अपनी तकनीक से लोगों को रूबरू कराया।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: मेले के दौरान परिसर के 'हृदयम' म्यूजिकल बैंड के छात्र-छात्राओं ने लोकगीत और शास्त्रीय धुनों पर आधारित प्रस्तुतियां देकर माहौल को सुरम्य बना दिया।

युवा प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच

उद्घाटन सत्र के दौरान उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ग्रामीण अंचल में स्थित गंगापुर परिसर में इस स्तर के कला मेले का आयोजन स्थानीय युवाओं और विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने की दिशा में एक अहम कदम है। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुमित कुमार घोष और परिसर प्रभारी डॉ. मनीष कुमार सिंह के निर्देशन में आयोजित इस मेले में पुरातन छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

कला प्रेमियों के लिए जरूरी जानकारी

यह तीन दिवसीय कला मेला 30 अक्टूबर तक गंगापुर परिसर में आम दर्शकों और कला प्रेमियों के लिए खुला रहेगा। रोहनिया और गंगापुर क्षेत्र की ओर जाने वाले लोग परिसर में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक पहुंचकर प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकते हैं और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन कर सकते हैं।

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