ख़बरें लाइव
खोजें
वाराणसी

वाराणसी छावनी क्षेत्र में तेंदुए की दहशत: वन विभाग ने लगाए दो पिंजरे, ड्रोन से निगरानी

वाराणसी के छावनी क्षेत्र में संदिग्ध वन्यजीव की आहट के बाद वन विभाग ने दो स्थानों पर पिंजरा लगाकर निगरानी बढ़ा दी है। विभाग ने लोगों से सतर्कता बरतने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: Chikilino / Pixabay

वाराणसी के छावनी (कैंट) क्षेत्र में तेंदुए जैसे संदिग्ध वन्यजीव की हलचल की खबरों से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। सुरक्षा के मद्देनजर वन विभाग ने इलाके में दो संवेदनशील स्थानों पर पिंजरे लगाए हैं और ड्रोन कैमरों की मदद से सघन निगरानी शुरू कर दी है। हालांकि वन अधिकारियों का कहना है कि अब तक तेंदुए की मौजूदगी का कोई पुख्ता पदचिह्न या स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है, फिर भी एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है।

छावनी क्षेत्र: किन इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी

छावनी क्षेत्र स्थित सेंट मेरीज स्कूल परिसर, बंगला नंबर 61 और 39 जीटीसी के आसपास संदिग्ध जानवर देखे जाने की सूचनाएं आई थीं। इसके बाद वन विभाग की संयुक्त टीमों ने इन इलाकों के साथ-साथ नदेसर और मिंट हाउस से सटे झाड़ियों वाले विस्तृत भूभाग में छानबीन तेज की। बारिश के चलते तलाशी अभियान में थोड़ी बाधा जरूर आई, लेकिन विभाग ने प्रमुख स्थानों पर पिंजरे और जाल लगाकर कर्मियों की नियमित तैनाती कर दी है ताकि किसी भी तरह के खतरे से समय रहते निपटा जा सके।

ड्रोन और विशेषज्ञ टीम की मदद

मामले की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने गोरखपुर वन्यजीव प्रभाग से विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों और रेस्क्यू दल को भी मौके पर बुलाया है। इलाके में निगरानी के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं:

  • पिंजरे और जाल: बंगला नंबर 61 और स्कूल परिसर के आसपास संभावित रास्तों पर दो बड़े पिंजरे लगाए गए हैं।
  • ड्रोन से सर्च: छावनी क्षेत्र के बड़े परिसरों और घने पेड़ों वाले हिस्सों में ड्रोन उड़ाकर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
  • विशेषज्ञों का दल: यदि किसी वन्यजीव की उपस्थिति की पुष्टि होती है, तो उसे सुरक्षित ट्रैंकुलाइज करने की पूरी व्यवस्था तैयार रखी गई है।
  • रात्रिकालीन गश्त: वनकर्मियों की अलग-अलग टीमें संवेदनशील इलाकों में रात के समय गश्त कर रही हैं।

अफवाहों से बचने की अपील

प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) कार्यालय की ओर से बताया गया है कि अब तक हुई जांच में जो पदचिह्न दिखे हैं, वे छोटे जीवों के लगते हैं और तेंदुए की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर पुराने या भ्रामक वीडियो और संदेशों पर ध्यान न दें। किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर निगरानी रखी जा रही है और नियमसंगत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

स्थानीय नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां

छावनी, नदेसर और फुलवरिया के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतते हुए कुछ सावधानियां रखने का सुझाव दिया गया है:

  • अलसुबह या देर शाम सुनसान और झाड़ियों वाले रास्तों पर अकेले टहलने से बचें।
  • घरों के कंपाउंड और आसपास पर्याप्त रोशनी रखें, अंधेरे कोनों में जाने से परहेज करें।
  • छोटे बच्चों को अकेले बाहर या खुले मैदानों में न खेलने दें।
  • यदि कोई भी संदिग्ध वन्यजीव दिखाई दे, तो उसके करीब जाने या शोर मचाने के बजाय तुरंत पुलिस या वन विभाग के नियंत्रण कक्ष को सूचित करें।

यह भी पढ़ें: वाराणसी: काशी विद्यापीठ के गंगापुर कैंपस में कला मेला, 350 से अधिक कलाकृतियां प्रदर्शित | देव दीपावली: काशी में महीने भर पहले होटल हाउसफुल, 15 लाख पर्यटकों के आने का अनुमान | वाराणसी MLC चुनाव: मतगणना नियमों के उल्लंघन का आरोप, सपा ने शिक्षकों का जताया आभार

ये भी पढ़ें