यूपी में गाय खरीदने पर मिलेंगे 40 हजार रुपये, योगी कैबिनेट ने दी पशुधन मिशन को मंजूरी
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने राज्य पशुधन मिशन को मंजूरी दी है, जिसके तहत उन्नत देशी नस्ल की गाय खरीदने पर 40 हजार और दो गायों पर 80 हजार रुपये तक का अनुदान मिलेगा।
योगी कैबिनेट: उत्तर प्रदेश में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'राज्य पशुधन मिशन' (State Livestock Mission) को औपचारिक मंजूरी दे दी गई। इस नई योजना के तहत उन्नत देशी नस्ल की एक गाय खरीदने पर पशुपालकों को 40 हजार रुपये और दो गायों पर 80 हजार रुपये तक का सीधा अनुदान दिया जाएगा।
योगी कैबिनेट: देशी नस्ल की गायों पर मिलेगा आर्थिक अनुदान
पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन के मामले में सबसे आगे है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की उत्पादकता और संगठित बाजार का अभाव अब भी एक चुनौती है। इसी अंतर को पाटने के लिए यह मिशन तैयार किया गया है।
योजना के तहत उन देशी नस्लों को प्राथमिकता दी जाएगी जो अधिक दूध उत्पादन की क्षमता रखती हैं। सरकार का लक्ष्य कम दूध देने वाली गायों की औसत क्षमता को नस्ल सुधार के जरिए 8 से 10 लीटर प्रतिदिन तक पहुंचाना है।
- मान्य नस्लें: साहीवाल, गिर, हरियाणवी, थारपारकर और गंगातीरी जैसी प्रमाणित देशी नस्लें।
- सब्सिडी की सीमा: एक गाय पर अधिकतम 40,000 रुपये और दो गायों की खरीद पर कुल 80,000 रुपये।
- अंतरराज्यीय खरीद: यदि कोई किसान या पशुपालक दूसरे राज्यों से भी इन प्रमाणित देशी नस्लों की गाय खरीदकर लाता है, तो भी उसे इस अनुदान का लाभ मिलेगा।
पशु बीमा का 85% खर्च उठाएगी राज्य सरकार
पशुपालकों को सबसे बड़ा डर बीमारी या अचानक किसी हादसे में दुधारू पशु की मौत से होने वाले नुकसान का रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए मिशन के अंतर्गत व्यापक पशुधन बीमा व्यवस्था जोड़ी गई है।
कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, पशु बीमा के कुल प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार खुद वहन करेगी। लाभार्थी किसान या पशुपालक को प्रीमियम के रूप में केवल 15 प्रतिशत राशि ही अपनी जेब से देनी होगी। इससे किसानों के लिए अपनी गायों का बीमा कराना बेहद आसान और किफायती हो जाएगा।
मुफ्त चूजे और छोटे पशुपालकों को भी बढ़ावा
राज्य पशुधन मिशन का दायरा केवल गोपालन तक ही सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए आजीविका के अन्य विकल्प भी जोड़े गए हैं:
- बैकयार्ड पोल्ट्री: ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को मुर्गी पालन शुरू करने के लिए 100 चूजे बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
- छोटे पशुधन का विकास: ग्रामीण युवाओं और छोटे किसानों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बकरी, भेड़ और सूअर पालन को भी प्रोत्साहन पैकेज दिया जाएगा।
- डिजिटल ट्रैकिंग: पशु उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखने, डिजिटल प्रबंधन और दूध के उचित दाम दिलाने के लिए संगठित खरीद तंत्र तैयार किया जाएगा।
कैबिनेट में 22 अहम प्रस्तावों को मिली हरी झंडी
मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पशुपालन के अलावा कुल 22 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इनमें माध्यमिक, संस्कृत और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों व उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देना शामिल है। इसके साथ ही राज्य में चार नए लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के विकासकर्ताओं के चयन और लखनऊ-हरदोई सीमा पर 1,000 एकड़ में बनने वाले पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यूपी में गाय खरीदने पर कितना अनुदान मिल रहा है?
राज्य पशुधन मिशन के तहत प्रमाणित देशी नस्ल की एक गाय खरीदने पर 40 हजार रुपये और दो गायों पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है।
सब्सिडी के दायरे में कौन-सी गायें आती हैं?
योजना में प्रमुख देशी नस्लें शामिल हैं, जैसे साहीवाल, गिर, हरियाणवी, थारपारकर और गंगातीरी। दूसरे राज्य से इन नस्लों को खरीदने पर भी लाभ दिया जाएगा।
पशु बीमा के लिए किसान को कितना प्रीमियम देना होगा?
पशु बीमा का 85 प्रतिशत प्रीमियम राज्य सरकार देगी, जबकि पशुपालक को केवल 15 प्रतिशत हिस्सा देना होगा।