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बरेका में सतर्कता सेमिनार: प्रो. मुकुल राज बोले- प्रतिभा और नैतिकता से समृद्ध होगा राष्ट्र

बरेका के प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' सेमिनार हुआ, जिसमें अधिकारियों व कर्मियों को ईमानदारी की सीख दी गई।

Ashish ·
फोटो: ख़बरें लाइव

बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) परिसर स्थित प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र (TTC) सभागार में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' विषय पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इस दौरान रेल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्धता और उच्च नैतिक मानकों को अपनाने का संकल्प लिया।

बरेका: नैतिकता और प्रतिभा का संतुलन ही राष्ट्र निर्माण की धुरी: प्रो. मुकुल राज

सेमिनार के मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. मुकुल राज मेहता ने अपने विचार रखते हुए कहा कि किसी भी संस्था या राष्ट्र के विकास में केवल तकनीकी कौशल पर्याप्त नहीं होता। जब तक प्रतिभा के साथ नैतिक मूल्यों और ईमानदारी का गहरा तालमेल नहीं होगा, तब तक वास्तविक प्रगति संभव नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सत्यनिष्ठा केवल कागजी नियमों का पालन करना भर नहीं है, बल्कि यह अंतरात्मा से जुड़ी जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक कर्मचारी अपने दायित्व को राष्ट्र सेवा मानकर निष्पक्षता से काम करता है, तब संस्थान की विश्वसनीयता और उत्पादकता दोनों नई ऊंचाइयों को छूते हैं।

सत्यनिष्ठा को कार्यसंस्कृति का अभिन्न अंग बनाएं: महाप्रबंधक

बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कर्मचारियों और अभियंताओं को सत्यनिष्ठा को दिन-प्रतिदिन के कामकाज में ढालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक रेल इंजनों के निर्माण में लगे बरेका की साख पूरे देश में है, और इस साख को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए हर स्तर पर पारदर्शी व्यवस्था जरूरी है।

महाप्रबंधक ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार सतर्कता और पारदर्शी प्रक्रियाएं हैं। यदि निर्णय प्रक्रिया में स्पष्टता रहेगी, तो त्रुटियों और अनियमितताओं की गुंजाइश अपने आप समाप्त हो जाएगी।

भ्रष्टाचार मुक्त तंत्र के लिए जनभागीदारी आवश्यक

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा ने प्रस्तुति के माध्यम से इस वर्ष के सतर्कता अभियान के मुख्य उद्देश्यों को साझा किया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए बताया कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता की शुरुआत स्वयं के आचरण से होती है।

सेमिनार में उपस्थित अधिकारियों ने इस बात पर सहमति जताई कि सतर्कता तंत्र का उद्देश्य भय पैदा करना नहीं, बल्कि प्रक्रियाओं को सरल और दोषमुक्त बनाकर कार्यप्रणाली को गति देना है।

परिसर में सप्ताह भर चलेंगे रचनात्मक कार्यक्रम

बरेका प्रशासन के अनुसार सतर्कता जागरूकता सप्ताह के तहत रेल कर्मियों, उनके परिजनों और प्रशिक्षण केंद्र के प्रशिक्षुओं के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं:

  • वर्कशॉप और कार्यालयों में सत्यनिष्ठा की सामूहिक शपथ का आयोजन।
  • युवा प्रशिक्षुओं के बीच निबंध, वाद-विवाद और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं।
  • नुक्कड़ नाटक और प्रस्तुतियों के जरिए दैनिक कार्यव्यवहार में ईमानदारी का संदेश।
  • विभिन्न विभागों में फाइलों के निस्तारण और प्रक्रियाओं की आंतरिक समीक्षा।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बरेका में इस वर्ष सतर्कता सेमिनार का मुख्य विषय क्या रखा गया है?

केंद्रीय सतर्कता आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस वर्ष सेमिनार का मुख्य विषय 'सत्यनिष्ठा से समृद्धि' (Probity for Prosperity) निर्धारित किया गया है।

सतर्कता जागरूकता सप्ताह कब आयोजित किया जाता है?

यह अभियान हर साल सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती वाले सप्ताह के दौरान अक्टूबर के अंतिम सप्ताह से नवंबर के पहले दिन तक देशभर के सरकारी विभागों और उपक्रमों में चलाया जाता है।

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