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काशी विश्वनाथ धाम पहुंचे कुमार मंगलम बिड़ला, IIT BHU दीक्षांत में दिया सफलता का मंत्र

उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला ने शनिवार को काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन किया और IIT BHU के दीक्षांत समारोह में शामिल होकर युवाओं को जोखिम लेने और बड़े सपने देखने का संदेश दिया।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: 与子同袍 / Pixabay

आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने शनिवार, 31 अक्टूबर को वाराणसी प्रवास के दौरान श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया। गर्भगृह में वैदिक आचार्यों ने उन्हें षोडशोपचार पूजन और रुद्राभिषेक कराया। दर्शन के उपरांत उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT-BHU) के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर हिस्सा लिया और देश के भावी इंजीनियरों व शोधार्थियों को जीवन में जोखिम उठाने का आह्वान किया।

काशी विश्वनाथ दरबार में टेका माथा, धाम की भव्यता को सराहा

बाबा विश्वनाथ के आंगन में पहुंचे कुमार मंगलम बिड़ला ने गर्भगृह में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र व भस्म अर्पित कर देश की खुशहाली और उद्योग जगत की तरक्की की प्रार्थना की। दर्शन-पूजन के बाद मंदिर न्यास की ओर से उन्हें बाबा का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

धाम परिसर का अवलोकन करते हुए उन्होंने कहा कि काशी की पावन धरती पर आकर मन को असीम शांति मिलती है। गंगा तट से विश्वनाथ मंदिर तक बने भव्य कॉरिडोर ने श्रद्धालुओं के लिए दर्शन को बेहद सुलभ बना दिया है। धाम भ्रमण के अलावा उन्होंने बीएचयू परिसर में स्थित श्री विश्वनाथ मंदिर (बिरला मंदिर) में भी शीश नवाया।

IIT-BHU के दीक्षांत समारोह में मिला मानद सम्मान

विश्वनाथ धाम में दर्शन के बाद कुमार मंगलम बिड़ला बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार पहुंचे, जहां आईआईटी बीएचयू का 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था। इस समारोह में संस्थान की ओर से उद्योग जगत और समाज में उनके विशिष्ट योगदान के लिए उन्हें मानद उपाधि (डॉक्टर ऑफ साइंस) से नवाजा गया।

समारोह में बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष डॉ. कोटा हरिनारायण और संस्थान के निदेशक प्रो. अमित पात्रा समेत कई वरिष्ठ शिक्षाविद मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न पाठ्यक्रमों के 2,048 विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटी गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 62 मेधावी छात्र-छात्राओं को 124 पदक व पुरस्कार प्रदान किए गए।

छात्रों को दिया संदेश: 'रिस्क लेने से न डरें युवा'

दीक्षांत भाषण में कुमार मंगलम बिड़ला ने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों के आधार पर सफलता के सूत्र समझाए। उन्होंने कहा कि करियर में बड़े मुकाम हासिल करने के लिए नपा-तुला जोखिम लेना जरूरी है। जिंदगी में फैसले दूसरों के भरोसे छोड़ने के बजाय खुद लेने चाहिए।

उन्होंने वर्तमान दौर की तकनीकी क्रांति का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीक को खतरे के रूप में नहीं, बल्कि नए अवसर के तौर पर देखा जाना चाहिए। अगले 25 वर्ष भारत के वैश्विक भविष्य को तय करने वाले होंगे और इसमें युवा पीढ़ी की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।

कार्तिक मास में धाम में सुरक्षा व सुगम दर्शन की पुख्ता व्यवस्था

वीआईपी दौरे के दौरान आम श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस कमिश्नरेट और मंदिर प्रशासन ने चौकसी बरती। कार्तिक मास और आने वाले देव दीपावली पर्व के मद्देनजर धाम में पहले से ही भीड़ नियंत्रण की विशेष कार्ययोजना लागू है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मंदिर प्रवेश के लिए निर्धारित द्वारों का ही प्रयोग करें और सुरक्षा जांच में सहयोग बनाए रखें।

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