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काशी रेलवे स्टेशन बनेगा बड़ा ट्रांसपोर्ट हब: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया कार्यों का निरीक्षण

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का जायजा लिया। स्टेशन को एक बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: antgarprats / Pixabay

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को वाराणसी के काशी रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण स्थल पर नक्शों और मॉडल के जरिए परियोजना की प्रगति देखी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों को तय समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता का काम पूरा करने के निर्देश दिए। रेल मंत्री ने बताया कि काशी स्टेशन को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर उत्तर भारत के एक बड़े ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

अश्विनी वैष्णव: कैंट स्टेशन पर घटेगा दबाव, श्रद्धालुओं को सीधा फायदा

वाराणसी जंक्शन (कैंट) पर लगातार बढ़ते यात्री दबाव और शहर के प्रमुख चौराहों पर लगने वाले जाम से निजात दिलाने के लिए रेलवे काशी स्टेशन का दायरा बढ़ा रहा है। राजघाट क्षेत्र के पास स्थित इस स्टेशन के कायाकल्प से बाबा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा सहूलियत मिलेगी। यात्री सीधे काशी स्टेशन पर उतरकर कम समय में मंदिर परिसर और आसपास के धार्मिक स्थलों तक पहुंच सकेंगे।

नमो ब्रिज और जलमार्ग से जुड़ेगी स्टेशन की कनेक्टिविटी

परियोजना के तहत काशी रेलवे स्टेशन को गंगा पर प्रस्तावित नए रेल-कम-रोड ब्रिज (नमो ब्रिज) और अंतरदेशीय जलमार्ग से भी जोड़ा जा रहा है। रेल मंत्री के अनुसार, यह एकीकृत व्यवस्था काशी स्टेशन को पूरे पूर्वांचल, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक अहम संपर्क केंद्र बना देगी। सड़क, रेल और जल परिवहन के इस तालमेल से न केवल आम यात्रियों का सफर आसान होगा, बल्कि माल ढुलाई और स्थानीय व्यापार को भी रफ्तार मिलेगी।

यात्रियों के लिए बड़ा वेटिंग एरिया और आधुनिक सुविधाएं

काशी स्टेशन के पुनर्विकास में यात्रियों की सुविधा और भीड़ प्रबंधन को प्राथमिकता दी गई है। स्टेशन पर मिलने वाली प्रमुख सुविधाएं इस प्रकार हैं:

  • उत्तरी और दक्षिणी प्रवेश द्वार: दोनों तरफ से सुगम आवाजाही के लिए आधुनिक प्रवेश और निकास द्वार बनाए जा रहे हैं।
  • विशाल होल्डिंग एरिया: त्योहारों और महाशिवरात्रि जैसे मौकों पर जुटने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ा प्रतीक्षालय और होल्डिंग स्पेस तैयार हो रहा है।
  • आधुनिक तकनीक: दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर, स्वचालित सूचना प्रणाली और वाई-फाई की व्यवस्था की जाएगी।
  • हेरिटेज लुक: नए भवन की वास्तुकला में काशी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान की झलक देखने को मिलेगी।

स्थानीय निवासियों और यात्रियों के लिए आगे की राह

स्टेशन परिसर और पहुंच मार्गों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारियों ने राजघाट और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों से निर्माण के दौरान सहयोग की अपील की है। फिलहाल स्टेशन पर बुनियादी परिचालन जारी है, लेकिन भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए स्टेशन मार्ग पर वाहनों को गति सीमा में चलाने और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करने की सलाह दी गई है।

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