ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, नुकसान के आकलन के लिए पहुंची केंद्रीय टीम
चक्रवात अर्नब के असर और बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए वेदर सिस्टम के चलते ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है। नुकसान का जायजा लेने केंद्रीय टीम भी पहुंच गई है।
मौसम विभाग (IMD) ने ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के कई इलाकों के लिए भारी बारिश का नया अलर्ट जारी किया है। चक्रवात 'अर्नब' के गुजरने के तुरंत बाद बंगाल की खाड़ी में एक और वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिससे तटीय इलाकों में अगले दो से तीन दिनों तक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश का खतरा बना हुआ है। इस बीच, तूफान से मची तबाही और फसलों के नुकसान का जमीनी मुआयना करने के लिए केंद्र सरकार की सात सदस्यीय टीम शनिवार को आंध्र प्रदेश पहुंच गई है।
भारी बारिश: बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया डिप्रेशन, कई जिलों में चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर और उससे सटे बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure) तेजी से गहरा रहा है। यह सिस्टम डिप्रेशन में बदलकर उत्तर-पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों की ओर बढ़ रहा है।
इसके प्रभाव से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के दक्षिणी व तटीय जिलों में तेज बारिश की संभावना है। ओडिशा के मौसम केंद्र ने राज्य के 14 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। विभाग ने बताया है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम रहेगा।
आंध्र प्रदेश में 4,764 करोड़ के नुकसान का अनुमान, केंद्रीय टीम तैनात
आंध्र प्रदेश में चक्रवात से हुए भारी नुकसान की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव चित्तरंजन दास के नेतृत्व में अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) शनिवार को राज्य में पहुंचा। यह टीम दो दिनों तक सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों का दौरा करेगी।
- दौरे वाले जिले: केंद्रीय दल डॉ. बी.आर. आंबेडकर कोनासीमा, काकीनाडा, पूर्वी गोदावरी और पश्चिम गोदावरी जिलों में खेतों, टूटी सड़कों और क्षतिग्रस्त तटबंधों का निरीक्षण करेगा।
- नुकसान का शुरुआती आकलन: राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार, 12 जिलों में लगभग 4,764 करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचे और कृषि क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।
- मुआवजा: राज्य सरकार ने आपदा से जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
टीम में कृषि, जल संसाधन, वित्त, सड़क परिवहन और ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र (ISRO-NRSC) के वैज्ञानिक भी शामिल हैं, जो उपग्रह तस्वीरों और जमीनी हकीकत का मिलान कर केंद्र सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
ओडिशा में राहत कार्य जारी, गंजम और गजपति में स्थिति गंभीर
ओडिशा के दक्षिणी हिस्से पहले से ही भारी बारिश और जलभराव की मार झेल रहे हैं। गंजम जिले के भंजनगर क्षेत्र में भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ODRAF) और दमकल विभाग के जवान लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
बाढ़ और पानी के तेज बहाव से कटे गांवों में प्रशासन की ओर से हेलीकॉप्टर के जरिए भोजन के पैकेट और पीने का पानी पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जब तक नया सिस्टम शांत नहीं होता, तब तक राहत शिविरों में सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की हिदायत
समुद्र में 2 से 3 मीटर तक ऊंची लहरें उठने और तेज हवाओं की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। जो नावें पहले से गहरे पानी में हैं, उन्हें तुरंत निकटतम तट पर लौटने को कहा गया है। निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में बारिश का अलर्ट क्यों जारी हुआ है?
चक्रवात अर्नब के अवशेषों के अलावा बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, जो डिप्रेशन में बदलकर दोनों राज्यों के तटों की तरफ बढ़ रहा है। इसी कारण मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
केंद्रीय टीम आंध्र प्रदेश क्यों पहुंची है?
केंद्रीय गृह मंत्रालय के नेतृत्व में आई टीम चक्रवात से फसलों, सड़कों, मकानों और बिजली के खंभों को पहुंचे नुकसान का प्रत्यक्ष मुआयना करने पहुंची है, ताकि केंद्र से मिलने वाली राहत राशि तय की जा सके।
ओडिशा के कौन से जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
ओडिशा में गंजम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिले बारिश और जलभराव से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।