उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में गिरेगा पारा
पश्चिमी विक्षोभ और मौसमी बदलाव के चलते उत्तर भारत में बारिश का दौर शुरू हो गया है। दिल्ली-NCR समेत मैदानी राज्यों में ओलावृष्टि और पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद तापमान तेजी से गिरेगा।
उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसके साथ ही गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 और 30 अक्टूबर के लिए दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की गरज, 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी चेतावनी दी गई है, जिसके चलते आने वाले दो-तीन दिनों में दिन और रात के पारे में उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिलेगी।
उत्तर भारत: दिल्ली-NCR में येलो अलर्ट और ओलों की आशंका
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद व गुरुग्राम में मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। 29 और 30 अक्टूबर को आसमान में घने बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान घटकर 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास सिमटने का अनुमान है। बारिश की यह गतिविधि जहां तापमान को नीचे लाएगी, वहीं पिछले कुछ दिनों से खराब श्रेणी में पहुंचे वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) से भी स्थानीय लोगों को फौरी राहत दे सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानों में बढ़ेगी ठिठुरन
पहाड़ी राज्यों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ का असर अब सीधे मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों किन्नौर, लाहौल-स्पीति और कुल्लू की चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि निचले इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और देहरादून के कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, पहाड़ों से आने वाली सर्द पछुआ हवाएं बारिश थमते ही पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ाएंगी।
यूपी, बिहार और मध्य भारत तक असर
उत्तर भारत के मैदानी राज्यों के अलावा पूर्वी हिस्से में भी मौसमी प्रणालियों का दोहरा असर दिख रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के तराई जिलों में 30 अक्टूबर तक भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है। चक्रवाती अवशेषों और नमी वाली पूर्वी हवाओं के मिलने से मध्य प्रदेश और झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बादलों का डेरा बना हुआ है।
- पंजाब और हरियाणा: दोनों राज्यों के अधिकतर जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी और छिटपुट बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में तेज हवाओं संग बौछारें और पूर्वी यूपी के जिलों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
- राजस्थान: उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बादल छाए रहेंगे, जिससे दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री तक गिर सकता है।
तापमान गिरने से होगी सर्दी की विधिवत शुरुआत
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह बारिश उत्तर भारत में इस मौसम की पहली व्यापक मौसमी हलचल है। आमतौर पर दीवाली के आसपास शुरू होने वाली हल्की ठंड इस बार बारिश और पहाड़ों की बर्फबारी के चलते थोड़ा पहले गति पकड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, 31 अक्टूबर के बाद जैसे ही आसमान साफ होगा, उत्तर-पश्चिमी हवाओं का प्रवाह बढ़ेगा और न्यूनतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की सीधी गिरावट आ सकती है, जिससे सुबह और देर शाम गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगेगी।
यह भी पढ़ें: कल का मौसम: चक्रवात के असर और बारिश को लेकर क्या है अपडेट | चक्रवात अर्नब का आंध्र तट पर लैंडफॉल, 135 किमी रफ्तार से हवाएं और भारी बारिश | UPSC सिविल सेवा पात्रता नियम: आयु, योग्यता और प्रयास गाइड
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या दिल्ली-NCR में ओले गिरने की संभावना है?
मौसम विभाग ने 29 और 30 अक्टूबर को दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग इलाकों में आंधी-बारिश के साथ छिटपुट ओलावृष्टि की चेतावनी दी है।
इस बारिश के बाद तापमान कितना गिर सकता है?
बारिश का दौर थमने के बाद उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे रात के समय ठंड का असर साफ दिखेगा।
पहाड़ों पर किन जगहों पर बर्फबारी का अनुमान है?
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 3000 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों, विशेषकर लाहौल-स्पीति, किन्नौर और उच्च हिमालयी चोटियों पर हल्की से मध्यम बर्फबारी का पूर्वानुमान है।