नेशनल मेडिकल कमीशन अधिनियम के तहत गठित यह संस्था चिकित्सा शिक्षा में पारदर्शिता लाने और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई थी।
नेशनल मेडिकल कमीशन अपने कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए चार विशेष स्वायत्त बोर्डों के माध्यम से काम करता है:
इस आयोग के दायरे में देश की पूरी चिकित्सा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम आते हैं:
आयोग समय-समय पर चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए नए नियम और नोटिस जारी करता रहता है।
नेशनल मेडिकल आयोग (NMC) भारत में मेडिकल कॉलेजों, शिक्षा और डॉक्टरों के रजिस्ट्रेशन को नियंत्रित करने वाला शीर्ष विधिक निकाय है।