यूरोपीय संघ के सांस्कृतिक संस्थानों के समूह (EUNIC इंडिया) और स्थानीय एलिस बोनर इंस्टीट्यूट के सहयोग से यह आयोजन काशी में कराया जा रहा है।
इस साहित्यिक उत्सव का प्रारूप पारंपरिक मंच और माइक वाले सम्मेलनों से बिल्कुल अलग है। आयोजकों के अनुसार इसे संवाद आधारित फॉर्मेट पर तैयार किया गया है:
कबीर, तुलसी और मुंशी प्रेमचंद की धरती बनारस में इस तरह का अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक विमर्श युवाओं और शोधार्थियों के लिए विशेष अनुभव लेकर आया है।
अस्सी घाट क्षेत्र में होने वाले इस दो दिवसीय आयोजन में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए आयोजकों ने निःशुल्क प्रवेश की व्यवस्था रखी है।
वाराणसी के अस्सी घाट स्थित एलिस बोनर इंस्टीट्यूट में 'लॉन्ग नाइट ऑफ लिटरेचर्स' शुरू हो गया है, जहां यूरोप के नौ देशों के साहित्यकार पाठकों को अपनी रचनाएं सुना रहे हैं।