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PM Vishwakarma Yojana: पात्रता, लाभ और ऑनलाइन आवेदन गाइड

पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के आर्थिक विकास के लिए शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 3 लाख रुपये तक का सस्ता लोन और आधुनिक टूलकिट दी जाती है।

Ashish ·
फोटो: ख़बरें लाइव

भारत के पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की कला को आगे बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना चलाई जा रही है। इस योजना के जरिए पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को सस्ते ब्याज पर लोन, कौशल प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट खरीदने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। यदि आप भी अपने पुश्तैनी हुनर को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो इस योजना की पूरी प्रक्रिया और पात्रता के बारे में यहाँ पूरी जानकारी दी गई है।

PM Vishwakarma Yojana: मुख्य बातें (Quick Highlights)

बिंदु जानकारी
योजना का नाम पीएम विश्वकर्मा योजना (PM Vishwakarma Yojana)
किसके लिए है 18 पारंपरिक ट्रेडों से जुड़े कारीगर और शिल्पकार
वित्तीय लाभ 3 लाख रुपये तक का कॉलेटरल-फ्री लोन (5% ब्याज पर)
टूलकिट सहायता 15,000 रुपये तक का टूलकिट ई-वाउचर
प्रशिक्षण भत्ता ट्रेनिंग के दौरान 500 रुपये प्रतिदिन स्टाइपेंड
आधिकारिक वेबसाइट pmvishwakarma.gov.in

पीएम विश्वकर्मा योजना के मुख्य लाभ

इस योजना के तहत पारंपरिक कामगारों को केवल वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि उनके कौशल को निखारने के भी पूरे अवसर मिलते हैं। सरकार का उद्देश्य कारीगरों को आधुनिक बाजार से जोड़ना है।

  • पहचान पत्र और प्रमाण पत्र: योजना के तहत पंजीकरण कराने वाले कारीगरों को पीएम विश्वकर्मा डिजिटल सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड मिलता है, जिससे उन्हें एक नई आधिकारिक पहचान मिलती है।
  • कौशल प्रशिक्षण: 5 से 7 दिनों का बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिनों या उससे अधिक की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग अवधि के दौरान प्रतिदिन 500 रुपये का स्टाइपेंड मिलता है।
  • टूलकिट इंसेंटिव: ट्रेनिंग की शुरुआत में आधुनिक टूल खरीदने के लिए 15,000 रुपये तक का टूलकिट ई-वाउचर दिया जाता है।
  • सस्ता ऋण (Credit Support): व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए पहले चरण में 1 लाख रुपये (18 महीने के लिए) और दूसरे चरण में 2 लाख रुपये (30 महीने के लिए) तक का लोन मात्र 5% की रियायती ब्याज दर पर मिलता है।

किसे मिलता है योजना का लाभ? (पात्रता मानदंड)

यह योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में हाथों और औजारों से काम करने वाले पारंपरिक परिवारों के लिए है।

  • आवेदक की आयु पंजीकरण के समय कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • आवेदक पारंपरिक रूप से संबंधित 18 ट्रेडों (जैसे- बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, दर्जी, मालाकार आदि) में से किसी एक से जुड़ा होना चाहिए।
  • यह योजना एक परिवार में केवल एक ही सदस्य (पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे) के लिए मान्य है।
  • केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में कार्यरत लोग और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं।
  • यदि किसी ने पिछले 5 वर्षों में इसी तरह की अन्य केंद्रीय या राज्य योजना (जैसे मुद्रा लोन) के तहत लोन लिया है, तो वे शुरुआती चरण में पात्र नहीं होंगे।

जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू करने से पहले निम्नलिखित दस्तावेजों को अपने पास तैयार रखें:

  • आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना अनिवार्य)
  • सक्रिय मोबाइल नंबर
  • बैंक पासबुक विवरण (खाता आधार से जुड़ा होना चाहिए)
  • राशन कार्ड (परिवार के सदस्यों की जानकारी के लिए)
  • व्यवसाय से जुड़ा प्रमाण पत्र या विवरण (यदि उपलब्ध हो)

ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत सीधे व्यक्तिगत रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर फॉर्म नहीं भरा जा सकता, बल्कि इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद लेनी होती है।

  1. सबसे पहले अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाएं।
  2. CSC ऑपरेटर आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आपके आधार नंबर और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Aadhaar e-KYC) की प्रक्रिया पूरी करेगा।
  3. इसके बाद ऑपरेटर द्वारा आवेदन फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, मोबाइल नंबर, बैंक खाता और अपने ट्रेड की सही जानकारी दर्ज की जाएगी।
  4. परिवार का विवरण जोड़ने के लिए राशन कार्ड का उपयोग किया जाता है।
  5. फॉर्म पूरी तरह भरने के बाद इसे सबमिट कर दिया जाता है और आपको एक पावती रसीद मिल जाती है।
  6. आवेदन के बाद इसका सत्यापन ग्राम पंचायत या शहरी स्थानीय निकाय स्तर पर होता है, जिसके बाद जिला समिति द्वारा अंतिम मंजूरी दी जाती है।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आवेदन के लिए कोई फीस चुकानी पड़ती है?

नहीं, CSC के माध्यम से पीएम विश्वकर्मा योजना का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह नि:शुल्क है। इसके लिए आवेदक को केंद्र पर कोई शुल्क नहीं देना होता।

लोन चुकाने की ब्याज दर क्या है?

इस योजना के तहत मिलने वाले ऋण पर लाभार्थियों को केवल 5% की वार्षिक ब्याज दर चुकानी होती है, बाकी का ब्याज अनुदान सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

टूलकिट के लिए मिलने वाले 15,000 रुपये कैसे मिलते हैं?

बेसिक ट्रेनिंग पूरी होने के बाद सरकार द्वारा टूलकिट खरीदने के लिए ई-वाउचर दिया जाता है, जिसे पंजीकृत बैंक खाते या पीएम विश्वकर्मा ऐप के माध्यम से उपयोग किया जा सकता है।

क्या सरकारी नौकरी वाले इस योजना का लाभ ले सकते हैं?

जी नहीं, केंद्र या राज्य सरकार के सेवा में कार्यरत कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य इस योजना के लिए पात्र नहीं माने जाते हैं।

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