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पीएम स्वनिधि योजना 2026: पात्रता, लोन राशि और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से शहरी और ग्रामीण इलाकों के रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं को बिना किसी गारंटी के आसान किस्तों पर कार्यशील पूंजी ऋण दिया जाता है। समय पर लोन चुकाने पर ब्याज पर छूट और अगले चरण में बड़ी राशि का लाभ मिलता है।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: YangGuangWu / Pixabay

भारत सरकार की ओर से शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में फेरी लगाने वाले, ठेला या रेहड़ी चलाने वाले छोटे कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि यानी पीएम स्वनिधि योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य छोटे दुकानदारों को अपना काम दोबारा शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने के लिए बिना किसी गारंटी के आसानी से कर्ज उपलब्ध कराना है। यदि आप भी एक स्ट्रीट वेंडर हैं और इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके नियम, पात्रता और आवेदन की पूरी प्रक्रिया को समझ लेना आवश्यक है।

पीएम स्वनिधि योजना की मुख्य बातें

बिंदु जानकारी
योजना का नाम प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi)
किसके लिए है शहरी, अर्ध-शहरी और जनगणना कस्बों के रेहड़ी-पटरी वाले विक्रेता
लोन राशि चरणबद्ध तरीके से 5,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक
ब्याज सब्सिडी समय पर भुगतान करने पर 7% प्रति वर्ष की छूट
लोन की गारंटी बिना किसी कॉलेटरल या गारंटी के
आधिकारिक वेबसाइट pmsvanidhi.mohua.gov.in

कि,न्हें मिलता है योजना का लाभ

यह योजना देश के उन सभी स्ट्रीट वेंडर्स के लिए खुली है जो शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) या ग्रामीण विकास क्षेत्रों की सीमाओं के भीतर वेंडिंग का काम करते हैं। इसमें फल-सब्जी विक्रेता, चाय-नाश्ता लगाने वाले, रेहड़ी पर कपड़े या अन्य सामान बेचने वाले, मोची, नाई, इस्त्री करने वाले और दर्जी जैसे छोटे सेवा प्रदाता शामिल हैं। आवेदन करने वाले वेंडर के पास शहरी स्थानीय निकाय द्वारा जारी किया गया वेंडिंग सर्टिफिकेट, पहचान पत्र या सिफारिश पत्र (LoR) होना चाहिए। जिन वेंडर्स का सर्वे हुआ है लेकिन कार्ड नहीं मिला, वे भी सिफारिश पत्र के जरिए आवेदन के पात्र हैं।

लोन राशि और चरणों की जानकारी

इस योजना के तहत वित्तीय सहायता तीन अलग-अलग चरणों या किस्तों में दी जाती है:

  • पहला चरण: शुरुआती स्तर पर आवेदक को 5,000 रुपये से लेकर 15,000 रुपये तक का लोन मिलता है, जिसे चुकाने की अवधि 12 महीने होती है।
  • दूसरा चरण: पहले लोन का समय पर भुगतान करने के बाद विक्रेता 15,001 रुपये से 25,000 रुपये तक के दूसरे लोन के लिए पात्र हो जाते हैं, जिसकी अवधि 18 महीने होती है।
  • तीसरा चरण: दूसरे लोन को सफलतापर्वक चुकाने पर 30,000 रुपये से लेकर 50,000 रुपये तक का तीसरा लोन 36 महीने की अवधि के लिए मिलता है।

ऑनलाइन आवेदन करने की चरण-दर-चरण प्रक्रिया

  1. सबसे पहले पीएम स्वनिधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या किसी नजदीकी बैंक शाखा, जन सेवा केंद्र (CSC) या वित्तीय संस्थान से संपर्क करें।
  2. वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए 'Apply Loan' विकल्प पर क्लिक करें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके ओटीपी से वेरीफाई करें।
  3. अपनी पात्रता की जांच करने के लिए मांगी गई बुनियादी जानकारी जैसे वेंडिंग आईडी, आधार नंबर और व्यवसाय का विवरण भरें।
  4. आवेदन फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंक खाता विवरण और अपने व्यापार से जुड़ी अन्य जरूरी बातें सही-सही भरें।
  5. अपने सभी आवश्यक दस्तावेज डिजिटल रूप में अपलोड करें और फॉर्म को अंतिम रूप से सबमिट कर दें।
  6. सफल सबमिशन के बाद आपको एक एप्लीकेशन आईडी मिलेगी, जिससे आप अपने फॉर्म का स्टेटस ट्रैक कर सकते हैं।

जरूरी दस्तावेज

आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • आधार से जुड़ा हुआ मोबाइल नंबर
  • वेंडिंग सर्टिफिकेट (CoV) या पहचान पत्र या शहरी निकाय (ULB) द्वारा जारी लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (LoR)
  • बचत खाते की जानकारी के साथ पासबुक या रद्द चेक
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

यह भी पढ़ें: अप्रेंटिसशिप इंडिया पोर्टल रजिस्ट्रेशन: पात्रता और प्रक्रिया | NAPS योजना: पात्रता, स्टाइपेंड और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी | NATS पोर्टल रजिस्ट्रेशन: पात्रता, दस्तावेज और आवेदन की पूरी प्रक्रिया

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इस लोन के लिए कोई गारंटी या गिरवी रखने की जरूरत है?

जी नहीं, पीएम स्वनिधि योजना के तहत मिलने वाला कार्यशील पूंजी ऋण पूरी तरह से कॉलेटरल-फ्री यानी बिना किसी गारंटी के होता है। इसके लिए बैंकों को किसी तरह की संपत्ति या सामान गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती।

ब्याज पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ कैसे मिलता है?

यदि लाभार्थी अपने लोन की किस्तें समय पर या समय से पहले चुकता करते हैं, तो सरकार द्वारा 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन करने पर कैशबैक का लाभ भी मिलता है।

अगर किसी के पास वेंडिंग सर्टिफिकेट या आईडी कार्ड न हो तो क्या करें?

यदि आपके पास वेंडिंग सर्टिफिकेट या पहचान पत्र नहीं है, तो आप टाउन वेंडिंग कमेटी (TVC) या शहरी स्थानीय निकाय (ULB) से सिफारिश पत्र (LoR) प्राप्त करके आवेदन कर सकते हैं। इसके आधार पर भी बैंक लोन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।

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