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NAPS योजना: पात्रता, स्टाइपेंड और रजिस्ट्रेशन की पूरी जानकारी

नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) के जरिए युवाओं को इंडस्ट्री में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और आर्थिक मदद दी जाती है। इस योजना की पात्रता, स्टाइपेंड और आवेदन प्रक्रिया के बारे में जानें।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: PDPics / Pixabay

NAPS योजना: देश के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार द्वारा नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) चलाई जा रही है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई के साथ-साथ युवाओं को औद्योगिक माहौल में काम करने का व्यावहारिक अनुभव (On-the-Job Training) देना है। योजना के तहत युवाओं को ट्रेनिंग के दौरान सरकार की ओर से आर्थिक सहायता या स्टाइपेंड भी प्रदान किया जाता है।

मुख्य बातें (Quick Facts)

बिंदु जानकारी
योजना का नाम नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS / NAPS-2)
संचालक मंत्रालय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE), भारत सरकार
पात्रता आयु न्यूनतम आयु 14 वर्ष
आर्थिक लाभ सरकार द्वारा 25% तक (अधिकतम ₹1,500 प्रति माह) स्टाइपेंड का प्रत्यक्ष लाभ (DBT)
आधिकारिक वेबसाइट apprenticeshipindia.gov.in

NAPS योजना के मुख्य लाभ

इस योजना के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुसार तैयार किया जाता है, जिससे उनके लिए रोजगार के रास्ते खुलते हैं।

  • कमाई के साथ पढ़ाई: युवाओं को ट्रेनिंग की अवधि के दौरान कंपनियों और सरकार की तरफ से निश्चित स्टाइपेंड मिलता है।
  • व्यावहारिक ज्ञान: किताबी ज्ञान के अलावा असली औद्योगिक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलता है।
  • सर्टिफिकेशन: ट्रेनिंग सफलतापूर्वक पूरी होने पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र मिलता है, जो आगे नौकरी पाने में मददगार होता है।

योजना के लिए पात्रता मानदंड

NAPS के तहत आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कुछ तय शर्तों को पूरा करना होता है:

  • आवेदक की न्यूनतम आयु 14 वर्ष होनी चाहिए (खतरनाक उद्योगों के लिए यह सीमा 18 वर्ष है)।
  • शैक्षणिक योग्यता ट्रेड के अनुसार कम से कम 5वीं पास, 8वीं पास, 10वीं पास, आईटीआई (ITI), डिप्लोमा या स्नातक होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार के पास अप्रेंटिसशिप पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और आधार सीडिंग अनिवार्य है।

आवश्यक दस्तावेज

पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और आवेदन करते समय आपके पास निम्नलिखित दस्तावेज होने चाहिए:

  1. आधार कार्ड (मोबाइल नंबर से लिंक होना जरूरी)
  2. शैक्षणिक योग्यता के प्रमाण पत्र (मार्शीट और डिग्री)
  3. पासपोर्ट साइज फोटो
  4. बैंक खाता विवरण (जो आधार कार्ड से जुड़ा हो)
  5. वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया

यदि आप NAPS योजना के तहत आवेदन करना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

  1. सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट apprenticeshipindia.gov.in पर जाएं।
  2. होमपेज पर दिए गए 'Register' विकल्प पर क्लिक करें और 'Candidate' का चयन करें।
  3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, ईमेल और मोबाइल नंबर दर्ज करके अकाउंट बनाएं।
  4. इसके बाद अपने क्रेडेंशियल्स से पोर्टल पर लॉगिन करें और अपनी प्रोफाइल को पूरा भरें (Profile Complete करें)।
  5. अपनी योग्यता और पसंद के अनुसार उपलब्ध अप्रेंटिसशिप अवसरों (Apprenticeship Opportunities) को खोजें।
  6. अपनी पसंद की कंपनी या ट्रेड के सामने दिए गए 'Apply' बटन पर क्लिक करें।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या NAPS योजना के तहत सभी को स्टाइपेंड मिलता है?

हां, योजना के नियमों के अनुसार हर रजिस्टर्ड अप्रेंटिस को कंपनियों की तरफ से स्टाइपेंड मिलता है, जिसमें से केंद्र सरकार निर्धारित नियमों के तहत अधिकतम ₹1,500 तक की राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से अप्रेंटिस के खाते में भेजती है।

इस योजना के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता क्या है?

विभिन्न ट्रेड के आधार पर न्यूनतम योग्यता 5वीं कक्षा पास से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा और डिग्रीधारक तक हो सकती है।

क्या अप्रेंटिसशिप पूरी होने के बाद पक्की नौकरी मिल सकती है?

यह पूरी तरह से उम्मीदवार के प्रदर्शन और संबंधित संस्थान/कंपनी की रिक्तियों पर निर्भर करता है। बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले युवाओं को कंपनियां अक्सर अपनी मुख्य इकाई में स्थाई रोजगार का अवसर देती हैं।

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