वाराणसी: कोरौता गोपालपुर समिति में खाद स्टॉक की जांच, अधिकारियों ने किसानों से जाना हाल
रबी सीजन में खाद की उपलब्धता और पारदर्शिता परखने के लिए वाराणसी के कोरौता गोपालपुर सहकारी समिति पर प्रशासनिक टीम ने औचक जांच की और किसानों से सीधा फीडबैक लिया।
रबी फसलों की बुवाई के पीक सीजन में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन और कृषि विभाग की टीमों ने ग्रामीण इलाकों में निगरानी तेज कर दी है। इसी कड़ी में राजातालाब तहसील व लोहता क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कोरौता-गोपालपुर साधन सहकारी समिति (बी-पैक्स केंद्र) पर अधिकारियों की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच टीम ने गोदाम में मौजूद डीएपी, यूरिया और एनपीके के भौतिक स्टॉक का मिलान सरकारी अभिलेखों और पीओएस मशीन के डेटा से किया।
अभिलेखों की बारीकी से जांच, स्टॉक का कराया गया मिलान
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने समिति के स्टॉक रजिस्टर, दैनिक बिक्री बही और डिजिटल पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) मशीन में दर्ज आंकड़ों की एक-एक कर पड़ताल की। गोदाम में रखी खाद की बोरियों की गिनती कर यह सुनिश्चित किया गया कि कागजों में दर्ज आंकड़े और गोदाम में मौजूद स्टॉक में कोई अंतर न हो। अधिकारियों ने समिति सचिव और केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिया कि हर दिन का स्टॉक और मूल्य सूची केंद्र के मुख्य द्वार पर लगे सूचना बोर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि किसानों को किसी तरह का संशय न रहे।
किसानों से सीधे बात: कीमत, वजन और पर्ची की ली जानकारी
जांच टीम ने समिति परिसर में खाद लेने पहुंचे स्थानीय किसानों से सीधी बातचीत की। अधिकारियों ने किसानों से पूछा कि क्या उनसे सरकार द्वारा तय दर से अधिक पैसे तो नहीं वसूले जा रहे हैं। इसके साथ ही खाद की बोरियों के वजन को लेकर भी किसानों से जानकारी ली गई और कुछ बोरियों का रैंडम तौल भी कराया गया। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे अंगूठा लगाकर पीओएस मशीन से निकलने वाली पक्की पर्ची जरूर लें और पर्ची पर दर्ज राशि के अनुसार ही भुगतान करें।
अनियमितता और ओवररेटिंग पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति के कर्मचारियों और उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि किसानों को खाद वितरण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि तय मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, कम वजन देने या खाद की जमाखोरी व कालाबाजारी की कोई शिकायत सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश (FCO) और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के लिए जरूरी बातें और शिकायत का तरीका
- आधार और खतौनी: समिति से खाद लेते समय किसान अपना आधार कार्ड और भूमि संबंधी विवरण साथ रखें।
- पक्की रसीद अनिवार्य: पीओएस मशीन से बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद निकलने वाली पर्ची जरूर लें और उस पर छपी रकम ही चुकाएं।
- शिकायत कहां करें: यदि कोई विक्रेता या समिति कर्मचारी तय सरकारी दर (यूरिया ₹266.50 प्रति 45 किग्रा बोरी और डीएपी ₹1350 प्रति 50 किग्रा बोरी) से ज्यादा मांगता है, तो किसान तत्काल अपने ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) या जिला कृषि कार्यालय के नियंत्रण कक्ष में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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