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सोम, 2 नवंबर 2026अपडेट 12:26 AM IST
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वाराणसी: रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में 3 नवंबर से संस्कृति संसद, जुटेंगे 3 हजार साधु-संत

वाराणसी में 3 से 5 नवंबर तक संस्कृति संसद का आयोजन किया जा रहा है। रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होने वाले इस समागम में देशभर के 3000 से अधिक साधु-संत और हजारों युवा हिस्सा लेंगे।

Ashish ·
फोटो: ख़बरें लाइव

वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष अंतरराष्ट्रीय सहयोग एवं कन्वेंशन सेंटर में 3 से 5 नवंबर तक तीन दिवसीय 'संस्कृति संसद 2026' का आयोजन होने जा रहा है। इस राष्ट्रीय समागम में देशभर के विभिन्न अखाड़ों और संप्रदायों से 3,000 से अधिक साधु-संत, विद्वान, शोधार्थी और बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक मूल्यों और आधुनिक दौर में नई पीढ़ी (Gen Z) के विचारों के बीच बेहतर तालमेल बनाना है।

संस्कृति संसद: जेन जी कॉन्क्लेव में युवा रखेंगे अपनी बात

संस्कृति संसद के इस छठे संस्करण का मुख्य आकर्षण 'जेन जी कॉन्क्लेव' रखा गया है। आयोजन समिति के अनुसार, आधुनिक जीवनशैली और सोशल मीडिया के दौर में युवाओं के सामने आ रही मानसिक उलझनों और भटकाव को दूर करने के लिए संत समाज और विशेषज्ञ सीधे संवाद करेंगे। इस विशेष सत्र में करीब 90 प्रतिशत वक्ता युवा होंगे, जो तर्क और तथ्यों के साथ अपनी जिज्ञासाएं रखेंगे, जबकि मंच पर मौजूद संत और विशेषज्ञ उनका मार्गदर्शन करेंगे।

काशी विश्वनाथ धाम में महारुद्राभिषेक से होगी शुरुआत

सम्मेलन में भाग लेने के लिए देशभर से साधु-संतों और आचार्यों का काशी आगमन सोमवार, 2 नवंबर से शुरू हो रहा है। आयोजन से पहले दोपहर में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में विशेष महारुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा, जिसमें प्रमुख अखाड़ों के प्रतिनिधि और संत समाज शामिल होगा। इसके बाद 3 नवंबर की सुबह 10 बजे से रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के मुख्य सभागार में वैचारिक सत्रों की औपचारिक शुरुआत होगी।

तीन दिन तक चलेंगे कई वैचारिक और सांस्कृतिक सत्र

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में मुख्य वैचारिक सत्र सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चलेंगे। इसके अलावा परिसर में कई अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं:

  • कला एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनी: भारतीय धरोहर और काशी-उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित चित्रों व छायाचित्रों का प्रदर्शन।
  • सांस्कृतिक संध्या: प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक शास्त्रीय संगीत, लोकगायन और नाट्य प्रस्तुतियां।
  • प्रतियोगिताएं: स्कूली बच्चों और कॉलेज छात्रों के लिए रंगोली व चित्रकला स्पर्धाएं।

सिगरा और आसपास रहेगा सुरक्षा का कड़ा पहरा

बड़ी संख्या में विशिष्ट अतिथियों, संतों और आगंतुकों के आगमन को देखते हुए कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा और ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सिगरा, रथयात्रा और कैंट स्टेशन से कन्वेंशन सेंटर की ओर जाने वाले मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। स्थानीय प्रशासन ने कन्वेंशन सेंटर के पास निर्धारित पार्किंग स्थल तय किए हैं ताकि मुख्य मार्ग पर जाम की स्थिति न बने। शहरवासियों को सलाह दी गई है कि कार्यक्रम के समय सिगरा चौराहे के आसपास मुख्य सड़क के बजाय वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

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