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सोम, 2 नवंबर 2026अपडेट 12:24 AM IST
उत्तर प्रदेश

सीतापुर में गरजा बुलडोजर: 9 दुकानों और 9 मकानों पर एक्शन, 2.60 करोड़ की जमीन खाली

सीतापुर में प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 18 अवैध निर्माण ढहाए और अस्पताल व खेल मैदान के लिए आरक्षित करीब 2.60 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराया।

Ashish ·
फोटो: ख़बरें लाइव

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार को भारी पुलिस बल के साथ बुलडोजर चलाकर 9 दुकानों और 9 मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। खाली कराई गई इस बेशकीमती जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपये आंकी गई है।

अस्पताल और खेल मैदान के लिए आरक्षित थी भूमि

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, जिस जमीन पर वर्षों से पक्का और कच्चा निर्माण कर दुकानें व मकान खड़े कर लिए गए थे, वह अभिलेखों में सार्वजनिक हित के कार्यों के लिए दर्ज है। इस भूखंड का एक हिस्सा ग्रामीणों और स्थानीय युवाओं के खेल मैदान के लिए चिन्हित था, जबकि दूसरा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और अस्पताल विस्तार की योजना में शामिल था। लंबे समय से कब्जे के कारण यहां विकास कार्य शुरू नहीं हो पा रहे थे।

सुबह-सुबह भारी पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासनिक टीम

किसी भी विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी रणनीति के तहत कार्रवाई की। रविवार सुबह तहसील प्रशासन, नगर निकाय के अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीम कई बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू होने से पहले इलाके की घेराबंदी कर दी गई। इसके बाद एक-एक कर सभी 18 अवैध निर्माणों को ढहा दिया गया और मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सीतापुर ध्वस्तीकरण अभियान: मुख्य बिंदु

विवरणतथ्य एवं आंकड़े
स्थानसीतापुर जिला, उत्तर प्रदेश
ध्वस्त किए गए निर्माण9 दुकानें और 9 पक्के/कच्चे मकान (कुल 18)
जमीन का आरक्षित उद्देश्यखेल मैदान एवं अस्पताल विस्तार
मुक्त कराई गई जमीन की कीमतलगभग 2.60 करोड़ रुपये
कार्रवाई करने वाली एजेंसियांराजस्व विभाग, नगर पालिका व स्थानीय पुलिस

नोटिस और विधिक प्रक्रिया के बाद उठाया गया कदम

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई है। अवैध कब्जाधारकों को राजस्व संहिता के तहत पहले विधिवत बेदखली के नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें खुद कब्जा हटाने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन तय मियाद बीत जाने के बाद भी जब निर्माण नहीं हटाए गए, तो सक्षम न्यायालय के आदेश के बाद ध्वस्तीकरण की अंतिम कार्रवाई अमल में लाई गई।

सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण को लेकर सख्त रुख

जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि तालाब, खेल मैदान, श्मशान, खलिहान और अस्पताल जैसी सार्वजनिक उपयोगिताओं की जमीनों पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी भूमि पर अवैध कालोनियां काटने या दुकानें बनाने वालों की सूची तैयार की जा रही है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा।

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