यूपी में मेडिकल स्टोर की वेबसाइट अनिवार्य, आज से लागू हुआ नया नियम
यूपी में 1 नवंबर से हर रिटेल फार्मेसी को पब्लिक वेबसाइट पर लाइसेंस, फार्मासिस्ट और स्टॉक की जानकारी देनी होगी। अस्पताल फार्मेसियों को दवाओं की मूल्य सूची भी दिखानी होगी।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में दवा की दुकानों के लिए आज यानी 1 नवंबर 2026 से नया नियम लागू हो गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) के आदेश के तहत अब प्रदेश की सभी रिटेल फार्मेसियों (मेडिकल स्टोर) को अपनी एक पब्लिक वेबसाइट बनानी होगी। इस वेबसाइट पर दुकान की लाइसेंस संख्या, नियुक्त फार्मासिस्ट, लाइसेंसी परिसर और स्टॉक से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करनी होगी और इसे हर सप्ताह अपडेट करना होगा।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश डॉ. रोशन जैकब ने इस संबंध में 6 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी औषधि निरीक्षकों और सहायक आयुक्तों (औषधि) को पत्र जारी कर आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे।
मेडिकल स्टोर की वेबसाइट पर क्या-क्या जानकारी देनी होगी
FSDA के कार्यालय आदेश संख्या 838, दिनांक 1 अक्टूबर 2026 के अनुसार हर रिटेल फार्मेसी को अपनी वेबसाइट पर ये जानकारियां दिखानी होंगी:
- दुकान की लाइसेंस संख्या
- दुकान पर नियुक्त फार्मासिस्ट का विवरण
- लाइसेंसी परिसर (दुकान के पते) की जानकारी
- दवाओं के स्टॉक से संबंधित विवरण
यह जानकारी एक बार डालकर छोड़ देना काफी नहीं होगा। आदेश में साफ कहा गया है कि वेबसाइट को साप्ताहिक रूप से अपडेट करना होगा, ताकि आम लोगों और विभाग के पास दुकान से जुड़ी ताजा जानकारी उपलब्ध रहे।
अस्पतालों की फार्मेसियों को दिखानी होगी दवाओं की मूल्य सूची
मरीजों के हित को देखते हुए अस्पतालों में चल रही फार्मेसियों के लिए एक अतिरिक्त निर्देश भी दिया गया है। इन फार्मेसियों को दवाओं के वास्तविक खरीद दर और बिक्री दर के आधार पर मूल्य सूची प्रदर्शित करनी होगी। इससे मरीज और उनके परिजन यह देख सकेंगे कि किसी दवा की असल खरीद कीमत क्या है और उन्हें वह किस दर पर बेची जा रही है।
आयुक्त की ओर से जिलों में तैनात औषधि निरीक्षकों और मंडल स्तर के सहायक आयुक्तों (औषधि) को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र की फार्मेसियों से इस आदेश का पालन अपनी निगरानी में कराएं।
नए थोक दवा लाइसेंस पर लगी रोक भी हटी
इसी पत्र में दवा कारोबारियों के लिए एक और राहत भरी जानकारी दी गई है। FSDA ने 23 जुलाई 2026 के पत्र (संख्या 2598) के जरिए नए थोक विक्रय (होलसेल) दवा लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी थी। नवरात्रि त्योहार को देखते हुए व्यापारियों के हित में 11 अक्टूबर 2026 से यह रोक हटाने का फैसला लिया गया। यानी अब नए होलसेल ड्रग लाइसेंस के लिए फिर से प्रक्रिया शुरू हो गई है।
पत्र की प्रतिलिपि अपर आयुक्त (प्रशासन), उपायुक्त (औषधि) और प्रदेश की सभी केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशनों को भी सूचना और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
दवा दुकानदारों और ग्राहकों पर क्या असर
नए नियम के बाद प्रदेश के मेडिकल स्टोर संचालकों को अपनी दुकान की ऑनलाइन मौजूदगी बनानी होगी और स्टॉक का ब्योरा नियमित रूप से अपडेट करना होगा। वहीं ग्राहकों के लिए यह जांचना आसान होगा कि जिस दुकान से वे दवा खरीद रहे हैं, वह लाइसेंसी है या नहीं और वहां फार्मासिस्ट नियुक्त है या नहीं। अस्पताल की फार्मेसियों में मूल्य सूची लगने से दवाओं की कीमतों को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।
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