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Tata Motors ने खरीदी Iveco: 36,380 करोड़ रुपये में 89.42% हिस्सेदारी लेकर संभाली कमान

टाटा मोटर्स ने इटली की प्रमुख कमर्शियल वाहन निर्माता इवेको ग्रुप में 89.42 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली है। करीब 36,380 करोड़ रुपये का यह सौदा 2008 में जेएलआर के बाद टाटा का सबसे बड़ा अधिग्रहण है।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: DEZALB / Pixabay

Tata Motors: भारतीय वाहन निर्माता टाटा मोटर्स ने इटली की प्रमुख कमर्शियल वाहन कंपनी इवेको ग्रुप (Iveco Group) में 89.42 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। कंपनी ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली विदेशी इकाई टीएमएल सीवी होल्डिंग्स बी.वी. के जरिए यह सौदा करीब 3.43 अरब यूरो (लगभग 36,387 करोड़ रुपये) में निपटाया है। साल 2008 में जगुआर लैंड रोवर (JLR) की खरीद के बाद यह टाटा मोटर्स के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा और कमर्शियल व्हीकल सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी सौदा है Gautam।

Tata Motors: सौदा और हिस्सेदारी के प्रमुख बिंदु

टाटा मोटर्स ने इवेको के प्रति शेयर 14.40 यूरो की नकद पेशकश की थी। इस ओपन ऑफर के तहत कंपनी ने कुल 23.81 करोड़ से अधिक सामान्य शेयर हासिल किए हैं, जिससे ट्रेजरी शेयरों को छोड़कर उसकी हिस्सेदारी 89.42 प्रतिशत पर पहुंच गई है। शेयर बाजार को दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस सेटलमेंट के बाद इवेको ग्रुप अब आधिकारिक रूप से टाटा मोटर्स की अप्रत्यक्ष सहायक कंपनी (subsidiary) बन गई है Gautam।

विवरणतथ्य / आंकड़े
अधिग्रहण राशिलगभग 3.43 अरब यूरो (~₹36,387 करोड़)
हासिल हिस्सेदारी89.42%
प्रति शेयर नकद कीमत€14.40
कर्मचारियों की संख्याकरीब 33,000
मैन्युफैक्चरिंग व आरएंडडी सेंटर16 प्लांट और 22 रिसर्च सेंटर

बोर्ड और कमान में हुए बड़े बदलाव

अधिग्रहण पूरा होते ही इवेको ग्रुप के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन को इवेको का गैर-कार्यकारी चेयरमैन और सीनियर नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही ओलोफ पर्सन (Olof Persson) कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद पर बने रहेंगे Gautam।

टाटा मोटर्स के वरिष्ठ अधिकारी पी. बी. बालाजी और गिरीश वाघ बोर्ड में गैर-स्वतंत्र निदेशक के रूप में शामिल हुए हैं, जबकि गुएन्टर बुशेक और चार्ल्स निकोल्स को स्वतंत्र निदेशक बनाया गया है। कंपनी ने अपनी विशेष वोटिंग शेयर व्यवस्था को भी समाप्त कर दिया है ताकि प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह पारदर्शी रहे Gautam।

टाटा मोटर्स के लिए क्यों खास है यह सौदा?

इस अधिग्रहण के साथ ही टाटा मोटर्स का नाम दुनिया की शीर्ष कमर्शियल वाहन निर्माताओं की कतार में मजबूती से शामिल हो गया है। दोनों कंपनियों का संयुक्त सालाना कारोबार 25 अरब डॉलर से अधिक और संयुक्त उत्पादन 5 लाख से ज्यादा वाहनों का बनता है Gautam।

  • भौगोलिक विस्तार: टाटा मोटर्स की पकड़ भारत और दक्षिण एशिया में बेहद मजबूत है, जबकि इवेको का यूरोप और लैटिन अमेरिका के बाजारों में बड़ा नेटवर्क है। दोनों के बाजारों में सीधे तौर पर कोई टकराव नहीं है Gautam।
  • इंजन और टेक्नोलॉजी: इवेको के पास एफपीटी (FPT) इंडस्ट्रियल जैसा विश्वस्तरीय पावरट्रेन डिवीजन है, जिससे इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और आधुनिक डीजल इंजनों के विकास में मदद मिलेगी Gautam।
  • उत्पाद पोर्टफोलियो: इस सौदे के बाद हेवी ट्रकों से लेकर मिनी वैन, सिटी बस और टूरिस्ट कोच तक के सेगमेंट में कंपनी का दायरा बढ़ गया है। हालांकि, इवेको का रक्षा वाहन (Defense) कारोबार इस सौदे में शामिल नहीं है Gautam।

अल्पसंख्यक शेयरधारकों के लिए नया मौका

कंपनी के अनुसार, जिन शेयरधारकों ने पहले चरण में अपने शेयर टेंडर नहीं किए थे, उनके लिए 2 नवंबर से 6 नवंबर 2026 तक पांच कारोबारी दिनों की एक नई विंडो खोली जाएगी। इस दौरान मिलने वाले शेयरों का सेटलमेंट 13 नवंबर को किया जाएगा। 80 फीसदी से अधिक की सीमा पार होने के बाद अब टाटा मोटर्स इवेको को शेयर बाजार से डीलिस्ट करने और पूर्ण स्वामित्व हासिल करने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी Gautam।

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