करेंसी बाजार में रुपये के फिसलने के पीछे घरेलू से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां जिम्मेदार हैं। मौजूदा समय में तीन प्रमुख कारक रुपये की सेहत को प्रभावित कर रहे हैं:
रुपये की तेज गिरावट रोकने के लिए केंद्रीय बैंक कई मोर्चों पर काम कर रहा है।
करेंसी में आने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम लोगों के रोजमर्रा के जीवन और घरेलू बजट पर पड़ता है:
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 95 के करीब कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की तेजी और विदेशी बिकवाली के बीच समझिए आरबीआई के कदम और इसका आपकी जेब पर असर।