सड़क परिवहन को पारदर्शी बनाने के लिए 'वन वेहिकल, वन फास्टैग' (One Vehicle, One FASTag) का नियम लागू किया गया था।
फास्टैग को वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र (RC) और चेसिस नंबर से सही तरीके से लिंक करना अनिवार्य किया गया है।
बिना फास्टैग के प्रवेश: यदि आपकी गाड़ी पर फास्टैग नहीं लगा है और आप गलती से फास्टैग लेन में प्रवेश कर जाते हैं, तो आपको निर्धारित टोल शुल्क का दोगुना भुगतान करना पड़ सकता है।।
सफर पर निकलने से पहले हमेशा अपने फास्टैग वॉलेट में पर्याप्त राशि का बैलेंस रखें।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) द्वारा तय किए गए FASTag नियमों के तहत सफर करना अब और अधिक व्यवस्थित हो गया है। जानिए इसके ताजा नियम और जरूरी बातें।