यूरोपीय आयोग द्वारा तैयार किए गए विशेष आयात निगरानी तंत्र के तहत उन उत्पादों की पहचान की जाती है, जिनका आयात लगातार बढ़ रहा है लेकिन उनकी कीमतें तेजी से घट रही हैं।
सस्ते चीनी आयात की मार किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह के उद्योगों को अपनी चपेट में ले लिया है।
इस बढ़ते असंतुलन को लेकर आयरलैंड के डबलिन में आयोजित यूरोपीय संघ के व्यापार मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक में कड़ा रुख देखने को मिला।
चीन में घरेलू मांग में आई सुस्ती और अमेरिकी बाजारों में कड़े टैरिफ लगने के बाद चीनी कंपनियों ने अपना अतिरिक्त उत्पादन यूरोपीय और अन्य खुले बाजारों की तरफ मोड़ दिया है।
सस्ते चीनी आयात और डंपिंग के कारण पोलैंड और यूरोपीय संघ की स्थानीय फैक्ट्रियों में उत्पादन ठप होने और नौकरियां जाने का जोखिम बढ़ गया है। 400 उत्पाद श्रेणियों पर खतरे की घंटी बज चुकी है।