वाराणसी: सरकारी अस्पतालों में बढ़ेगी OPD, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए कड़े निर्देश
वाराणसी सर्किट हाउस में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में ओपीडी बढ़ाने और तय समय में विकास कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
वाराणसी के सर्किट हाउस में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की मंडल स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी अस्पतालों में बाह्य रोगी विभाग (OPD) की क्षमता और सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि कतार में खड़े मरीजों को समय पर जरूरी परामर्श और उपचार मिल सके। इसके साथ ही अस्पतालों में जरूरी दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता और डॉक्टरों की नियमित हाजिरी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
ब्रजेश पाठक: चार जिलों की स्वास्थ्य सेवाओं की हुई समीक्षा
समीक्षा बैठक में वाराणसी मंडल के चारों जिलों—वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर—के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री ने जिलेवार ओपीडी में आने वाले मरीजों की संख्या, दवाओं के वितरण और प्राथमिक जांच सुविधाओं का ब्योरा लिया। उन्होंने कहा कि जब ओपीडी काउंटरों और चिकित्सकों के बैठने की व्यवस्था दुरुस्त होगी, तो जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर दूर-दराज से आने वाले लोगों को घंटों लाइन में खड़ा नहीं रहना पड़ेगा।
मरीजों को बाहर से न लिखनी पड़ें दवाएं
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों पर आम जनता और ग्रामीण मरीजों का भरोसा मजबूत होना चाहिए। इसके लिए स्वास्थ्य अमले को कुछ जरूरी व्यवस्थाएं तुरंत लागू करने को कहा गया है:
- अस्पताल की ओपीडी में आने वाले मरीजों को केवल वही दवाएं लिखी जाएं जो सरकारी दवा काउंटर पर निशुल्क उपलब्ध हों।
- इमरजेंसी वार्ड और रात्रि सेवाओं के दौरान आवश्यक दवाओं और इंजेक्शन का स्टॉक हर समय मौजूद रहे।
- पैथोलॉजी और जांच केंद्रों को समय पर संचालित किया जाए, जिससे मरीजों को निजी केंद्रों का रुख न करना पड़े।
- रात्रिकालीन ड्यूटी में डॉक्टरों और पैरामेडिकल कर्मचारियों की उपस्थिति की औचक जांच की जाए।
निर्माणाधीन मेडिकल प्रोजेक्ट्स में देरी न करने की चेतावनी
बैठक के दौरान मंडल में चल रही विभिन्न चिकित्सा परियोजनाओं और नए अस्पताल भवनों के निर्माण की प्रगति भी जांची गई। उपमुख्यमंत्री ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि सभी कार्य तय समयसीमा और मानकों के अनुसार ही पूरे होने चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में बेवजह की सुस्ती बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारी नियमित रूप से निर्माण स्थलों का मुआयना करें।
स्थानीय मरीजों को क्या राहत मिलेगी?
इस समीक्षा बैठक के बाद वाराणसी के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों—पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, श्री शिव प्रसाद गुप्त (SSPG) मंडलीय चिकित्सालय और कबीरचौरा महिला अस्पताल—में पर्ची काउंटर और ओपीडी कमरों के प्रबंधन में सुधार देखने को मिलेगा। भीड़ को देखते हुए काउंटरों की संख्या बढ़ाने और टोकन व्यवस्था को व्यवस्थित करने की तैयारी है, जिससे सुबह इलाज कराने आने वाले मरीजों का समय बचेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वाराणसी के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का समय क्या रहता है?
वाराणसी के जिला और मंडलीय अस्पतालों में सामान्य तौर पर ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक संचालित होती है। स्थानीय स्तर पर मौसमी बदलाव के अनुसार समय में मामूली अंतर हो सकता है, जिसकी सूचना अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर चस्पा रहती है।
सरकारी अस्पताल में इलाज या दवा से जुड़ी समस्या होने पर कहां शिकायत करें?
यदि किसी सरकारी अस्पताल में दवा मिलने में असुविधा हो या कोई लापरवाही सामने आए, तो मरीज अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1076 पर भी संपर्क किया जा सकता है।