वाराणसी MLC चुनाव: पहड़िया मंडी में सपा की मजबूत बढ़त, जानिए BJP से कहां हुई चूक
वाराणसी विधान परिषद चुनाव में शिक्षक सीट जीतने के बाद स्नातक कोटे पर भी सपा बड़ी बढ़त की ओर है। पहड़िया मंडी के ताजा आंकड़ों और टिकट बंटवारे के गणित पर एक नजर।
वाराणसी खंड विधान परिषद चुनाव में शिक्षक सीट अपने नाम करने के बाद समाजवादी पार्टी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी निर्णायक बढ़त की ओर है। पहड़िया मंडी मतगणना केंद्र पर चल रही लंबी गिनती के बीच भारतीय जनता पार्टी के गढ़ में यह नतीजा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का सबसे बड़ा विषय बना हुआ है।
पहड़िया मंडी में मतगणना का ताजा हाल
पहड़िया मंडी परिसर में सुरक्षा के कड़े घेरे के बीच स्नातक सीट की मतपेटियों की गिनती जारी है। सपा के निवर्तमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने शुरुआती चरणों से ही बढ़त बनाए रखी, जो बाद के राउंड तक दस हजार से अधिक वोटों के अंतर में बदल गई। उनके सामने खड़े भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ सिंह लगातार पीछे चल रहे हैं। इससे पहले शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को पराजित कर जीत का परचम लहराया था।
टिकट चयन और चेहरों को लेकर भीतर ही भीतर असंतोष
चुनावी समीक्षा में सबसे पहला बिंदु दोनों प्रमुख सीटों पर उम्मीदवारों का चयन माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, भाजपा ने स्नातक सीट पर कई बार के विजेता रहे वरिष्ठ नेता केदारनाथ सिंह पर दोबारा भरोसा जताया, जिससे पार्टी के नए और युवा कार्यकर्ताओं में उत्साह की कमी दिखी। वहीं शिक्षक सीट पर भी जमीनी स्तर के शिक्षक नेताओं की जगह पार्टी संगठन से जुड़े चेहरे को तरजीह दी गई, जबकि शिक्षक मतदाता लंबे समय से अपने बीच काम करने वाले प्रत्याशी की मांग कर रहे थे।
शिक्षकों और स्नातकों के असल मुद्दे
इस चुनाव में स्थानीय और नीतिगत मुद्दों ने नतीजों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाई। आठ जिलों—वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही के मतदाताओं ने कई लंबित मांगों पर खुलकर अपनी राय रखी:
- पुरानी पेंशन बहाली: शिक्षक और सरकारी कर्मचारियों के बीच पुरानी पेंशन (OPS) का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा, जिसे सपा ने आक्रामक ढंग से उठाया।
- वित्तविहीन शिक्षकों की अनदेखी: अशासकीय और वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों के मानदेय और सेवा सुरक्षा को लेकर गहरा रोष देखा गया।
- रोजगार और भर्ती: आठों जिलों के लाखों पंजीकृत स्नातक मतदाताओं के बीच प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार से जुड़े सवाल केंद्र में रहे।
पहड़िया मंडी क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात की स्थिति
मतगणना के चलते पहड़िया-आशापुर मार्ग पर पुलिस कमिश्नरेट ने अतिरिक्त बैरिकेडिंग कर रखी है। आम राहगीरों और भारी वाहनों को रिंग रोड और पंचक्रोशी मार्ग की तरफ मोड़ा गया है, ताकि मतगणना केंद्र के सामने जाम की स्थिति न बने। जिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों और केंद्रीय बलों की निगरानी में पूरी कराई जा रही है।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
वाराणसी शिक्षक एमएलसी सीट पर कौन जीता है?
वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के लाल बिहारी यादव ने जीत दर्ज की है, उन्होंने भाजपा के डॉ. प्रमोद कुमार मिश्रा को शिकस्त दी।
वाराणसी स्नातक एमएलसी क्षेत्र में कौन से जिले आते हैं?
इस निर्वाचन क्षेत्र के दायरे में पूर्वांचल के आठ जिले आते हैं: वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, मीरजापुर, सोनभद्र और भदोही।
पहड़िया मंडी की तरफ जाने वाले रास्ते पर क्या प्रतिबंध हैं?
मतगणना पूरी होने तक पहड़िया मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास चार पहिया वाहनों की आवाजाही सीमित है। स्थानीय यात्री लालपुर या रिंग रोड मार्ग का उपयोग कर सकते हैं।