ख़बरें लाइव
खोजें
शिक्षा

ITI कोर्स क्या हैं? योग्यता, प्रवेश प्रक्रिया और करियर स्कोप

आईटीआई (ITI) कोर्स उन युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा का एक बेहतरीन माध्यम है जो कम समय में हुनर सीखकर रोजगार पाना चाहते हैं। जानिए इसके नियम और प्रवेश प्रक्रिया।

Ashish ·
प्रतीकात्मक तस्वीर — फोटो: Pavlofox / Pixabay

दसवीं या बारहवीं की परीक्षा पास करने के बाद कई छात्र पारंपरिक डिग्री के बजाय कम समय में आत्मनिर्भर बनने और तकनीकी कौशल हासिल करने का रास्ता चुनते हैं। ऐसे युवाओं के लिए इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट यानी आईटीआई (ITI) कोर्स एक बेहद लोकप्रिय और व्यावहारिक विकल्प है।

मुख्य बातें

बिंदुजानकारी
कोर्स का पूरा नामइंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (Industrial Training Institute)
न्यूनतम योग्यता8वीं, 10वीं या 12वीं पास (ट्रेड के अनुसार अलग-अलग)
न्यूनतम आयु सीमाआम तौर पर 14 वर्ष
कोर्स की अवधि6 महीने से 2 साल तक
प्रवेश का आधारराज्य-स्तरीय मेरिट सूची या प्रवेश परीक्षा
आधिकारिक पोर्टलncvtmis.gov.in

ITI कोर्स क्या हैं और इसके प्रकार?

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) देश के कौशल विकास मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले संस्थान हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य युवाओं को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण देना है। ये कोर्स मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बांटे जाते हैं - इंजीनियरिंग ट्रेड (जैसे इलेक्ट्रीशियन, फिटर, मोटर मैकेनिक) और नॉन-इंजीनियरिंग ट्रेड (जैसे कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर)। इन ट्रेडों की अवधि आमतौर पर 6 महीने से लेकर 2 साल तक होती है।

योग्यता और आयु सीमा के नियम

आईटीआई में प्रवेश पाने के लिए छात्रों को संबंधित बोर्ड से न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होती है।

  • शैक्षणिक योग्यता: कुछ ट्रेडों के लिए 8वीं पास की योग्यता मांगी जाती है, जबकि अधिकांश लोकप्रिय ट्रेडों (जैसे इलेक्ट्रीशियन और फिटर) के लिए 10वीं पास होना अनिवार्य है। कुछ विशेष तकनीकी ट्रेडों के लिए 12वीं कक्षा में विज्ञान और गणित विषयों की मांग की जाती है।
  • आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु आमतौर पर 14 वर्ष होनी चाहिए। अधिकांश राज्यों में इसके लिए कोई ऊपरी आयु सीमा तय नहीं की गई है।

आवेदन और प्रवेश प्रक्रिया

भारत में आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया मुख्य रूप से राज्य स्तर पर आयोजित की जाती है। इसके चरण निम्नलिखित हैं:

  1. सबसे पहले अपने संबंधित राज्य के तकनीकी शिक्षा विभाग या आधिकारिक पोर्टल पर जाएं।
  2. पोर्टल पर नया पंजीकरण (Registration) करें और वैध मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी दर्ज करें।
  3. मांगी गई व्यक्तिगत जानकारी और शैक्षणिक योग्यता का विवरण भरकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म पूरा करें।
  4. निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करें।
  5. आवेदन के बाद राज्य स्तर पर 10वीं या 8वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट जारी की जाती है, जिसके आधार पर कॉलेज और ट्रेड का आवंटन होता है।

जरूरी दस्तावेज

प्रवेश के समय छात्रों को अपने सभी मूल प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए प्रस्तुत करने होते हैं। मुख्य दस्तावेज इस प्रकार हैं:

  • 8वीं या 10वीं/12वीं की अंकसूची और प्रमाण पत्र
  • आधार कार्ड (वर्तमान में अधिकांश राज्यों में अनिवार्य)
  • निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोग्राफ
  • चलु मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी

कार्यों और रोजगार का दायरा

आईटीआई पूरा करने वाले युवाओं के लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में रोजगार केार अवसर खुल जाते हैं। रेलवे, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU), रक्षा विभागों, बिजली बोर्डों और निर्माण कंपनियों में तकनीशियन व ऑपरेटर के पदों पर आईटीआई पास युवाओं की अच्छी मांग रहती है। इसके अलावा छात्र अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship) या उच्च तकनीकी शिक्षा का विकल्प भी चुन सकते हैं।

यह भी पढ़ें: NEET UG योग्यता मानदंड 2027: आयु सीमा, प्रयास और नियम | NSP Scholarship 2026-27: ओटीआर रजिस्ट्रेशन और आवेदन की पूरी प्रक्रिया | UPSC सिविल सेवा परीक्षा की योग्यता: आयु सीमा और प्रयास नियम

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या आईटीआई के बाद सीधे नौकरी मिल सकती है?

हाँ, आईटीआई कोर्स पूरी तरह से व्यावहारिक कौशल और रोजगारोन्मुखी ट्रेनिंग पर आधारित होते हैं, जिससे छात्र कोर्स पूरा करते ही विभिन्न उद्योगों या सरकारी विभागों में नौकरी पाने के योग्य हो जाते हैं।

क्या आईटीआई के बाद आगे की पढ़ाई की जा सकती है?

हाँ, 10वीं के बाद 2 साल का आईटीआई कोर्स करने वाले छात्र अप्रेंटिसशिप या सीधे पॉलिटेक्निक डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के द्वितीय वर्ष में प्रवेश के लिए पात्रता प्राप्त कर सकते हैं।

क्या आईटीआई में दाखिला लेने के लिए कोई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा होती है?

अधिकांश राज्यों में प्रवेश 10वीं कक्षा की मेरिट के आधार पर होता है। हालांकि, कुछ राज्यों जैसे बिहार में इसके लिए राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा (ITICAT) आयोजित की जाती है।

एनसीवीटी (NCVT) और एससीवीटी (SCVT) प्रमाण पत्र में क्या अंतर है?

एनसीवीटी (NCVT) का प्रमाण पत्र राष्ट्रीय स्तर पर मान्य होता है और देश भर में इसके आधार पर नौकरियां मिलती हैं, जबकि एससीवीटी (SCVT) मुख्य रूप से संबंधित राज्य के भीतर ही मान्य होता है।

ये भी पढ़ें